वेनेजुएला को चीन पर भरोसा पड़ा महंगा ! अमेरिकी हमले में चीनी एयर डिफेंस हुआ फेल, पाकिस्तान भी खा चुका धोखा
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 05:38 PM (IST)
Washington: अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान वेनेजुएला की चीन निर्मित एयर डिफेंस प्रणाली पूरी तरह नाकाम साबित हुई। अमेरिकी विशेष बलों के ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के दौरान अमेरिकी हेलीकॉप्टर और विमान बिना किसी प्रभावी प्रतिरोध के काराकस में दाखिल हुए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया गया। इस पूरे ऑपरेशन में वेनेजुएला की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी एयर डिफेंस साबित हुई। सूत्रों के अनुसार, चीन में बने JYL-1 लंबी दूरी के 3D सर्विलांस रडार और JY-27A एंटी-स्टेल्थ रडार एक भी अमेरिकी विमान या हेलीकॉप्टर को ट्रैक नहीं कर सके। जिन रडारों को ‘स्टेल्थ हंटर’ कहा जाता था, वे अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के सामने पूरी तरह अंधे हो गए।
वेनेजुएला की एयर डिफेंस में क्या था?
- वेनेजुएला ने चीन की इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप से कई हाई-प्रोफाइल रडार सिस्टम खरीदे थे।
- JYL-1: 300–470 किमी रेंज वाला 3D सर्विलांस रडार
- JY-27 / JY-27A: मीटर-वेव बैंड रडार, जिनके बारे में दावा था कि ये F-35 जैसे स्टेल्थ विमानों को पकड़ सकते हैं (300–500 किमी तक)
- इनके अलावा एयर डिफेंस नेटवर्क में रूसी S-300 और Buk-M2 मिसाइल सिस्टम भी शामिल थे।
- चीनी मीडिया में पहले दावा किया गया था कि ये रडार अमेरिकी F-35 को 75 किमी दूर से ट्रैक कर सकते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में ये दावे टिक नहीं सके।
अमेरिकी रणनीति कैसे सफल हुई?
अमेरिका ने EA-18G ‘ग्राउलर’ जैसे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमानों का इस्तेमाल कर वेनेजुएला के रडार नेटवर्क पर भारी जैमिंग की। नतीजा यह हुआ कि शुरुआती घंटों में ही पूरा एयर डिफेंस सिस्टम पैरालाइज हो गया और अमेरिकी विमानों को किसी संगठित प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा।
पाकिस्तान जैसी नाकामी
विश्लेषकों का कहना है कि यह नाकामी 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिलती-जुलती है, जब भारत ने पाकिस्तान की चीनी सप्लाई वाली एयर डिफेंस को आसानी से भेद दिया था। उस समय भी HQ-9, LY-80 जैसे चीनी सिस्टम भारतीय मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में नाकाम रहे थे। अब वेनेजुएला में भी वही पैटर्न दोहराया गया है।
चीनी रडार क्यों फेल
- विशेषज्ञ तीन बड़े कारण गिनाते हैं
- एडवांस इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के सामने कमजोर प्रतिरोध
- ऑपरेटर ट्रेनिंग और मेंटेनेंस की कमी
- हाइप और वास्तविक युद्ध क्षमता के बीच बड़ा अंतर
बड़ा सवाल
वेनेजुएला की घटना ने एक बार फिर चीनी सैन्य उपकरणों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ ही घंटों में जिस तरह दक्षिण अमेरिका की “सबसे मजबूत” एयर डिफेंस ढह गई, उसने पाकिस्तान से लेकर अफ्रीकी देशों तक चीनी हथियार इस्तेमाल करने वाले देशों को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है।
