भारत के साथ सीमा विवाद पर अमेरिका से बोला चीन- कोई तीसरा न दे दखल...हम दोनों पड़ोसी सुलझा लेंगे मसला

punjabkesari.in Friday, Jan 28, 2022 - 10:59 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: चीन ने भारत के साथ सैन्य-स्तरीय वार्ता के नवीनतम दौर को ‘‘सकारात्मक और रचनात्मक'' बताया और कहा कि बीजिंग सीमा मुद्दे को ‘‘समुचित ढंग से संभालने'' के लिए नई दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। साथ ही चीन ने पड़ोसियों को ‘‘धमकाने'' संबंधी अमेरिका के आरोप का खंडन किया है।

 

भारत के साथ जारी सीमा विवाद को लेकर चीन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। दोनों पड़ोसी देश द्विपक्षीय ढंग से मसले को सुलझा लेंगे। दरअसल चीन द्वारा लद्दाख क्षेत्र में मनमाने ढंग से निर्माण कार्यों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। अन्य पड़ोसी देशों के साथ भी चीन के विस्तारवादी कदमों को लेकर अमेरिका व अन्य पश्चिमी देश उसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर चीन पर दबाव बढ़ रहा है। 

 

भारत के साथ साकारात्मक बातचीत
भारत और चीन के बीच 14वें दौर की सैन्य वार्ता 12 जनवरी को हुई थी जिसमें दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के शेष मुद्दों पर "पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान" पर पहुंचने के लिए सैन्य और राजनयिक माध्यम से बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए थे। चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल वू कियान ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘चीनी पक्ष का मानना ​​है कि वार्ता का यह दौर सकारात्मक और रचनात्मक रहा और चीन बातचीत के माध्यम से सीमा मुद्दे को समुचित ढंग से संभालने के लिए भारतीय पक्ष के साथ मिलकर काम करेगा।

 

वरिष्ठ कर्नल वू कियान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी की उन टिप्पणियों की तीखी आलोचना की, जिसमें उन्होंने चीन पर अपने पड़ोसियों को डराने-धमकाने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। भारत के साथ सीमा पर चीन के आक्रामक व्यवहार पर एक सवाल के जवाब में, साकी ने 12 जनवरी को कहा था कि अमेरिका स्थिति पर नजर रखे हुए है। साकी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कर्नल वू कियान ने कहा कि कुछ अमेरिकी राजनेता "बलपूर्वक" शब्द का उपयोग करने के बहुत शौकीन हैं और वे यह भूल गए हैं कि अमेरिका "बलपूर्वक कूटनीति" का आविष्कारक है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Seema Sharma

Related News

Recommended News