केंद्र ने प्याज के निर्यात पर लगाई रोक, बढ़ती कीमतों को देखते हुए लिया फैसला

2020-10-29T20:42:21.407

नई दिल्लीः प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। खाद्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार प्याज के बीज के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाती है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिसको लेकर केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। इसके अलावा सरकार ने प्याज के बफर स्टॉक को भी खोलने का निर्णय किया है। वहीं, 1 लाख टन प्याज निर्यात करने की भी योजना बनाई है।


इन दिनों भारतीय खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। देश में प्याज की कीमतें 70-120 रुपए तक पहुंच गई है। सरकार की ओर बढ़ रही कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी कमद उठा रही है। वहीं, सूत्रों के हवाले से पता चला है कि प्याज के एक लाख टन बफर स्टॉक में से 32 हजार टन प्याज सड़ गया है।

महज 25 हजार टन का सुरक्षित भंडार
नाफेड के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार चड्ढा ने बताया कि सरकार के पास प्याज का महज 25 हजार टन का सुरक्षित भंडार (बफर स्टॉक) बचा हुआ है। यह स्टॉक नवंबर के पहले सप्ताह तक समाप्त हो जाएगा। देश में प्याज की खुदरा कीमतें 75 रुपये किलो के पार जा चुकी हैं। ऐसे में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए नाफेड सुरक्षित भंडार से प्याज बाजार में उतार रहा है।

करीब एक लाख टन प्याज की खरीद
नाफेड सरकार की ओर से संकट के समय यह स्टॉक इस्तेमाल के लिए जारी करने को तैयार रहता है। नाफेड ने इस साल के लिए करीब एक लाख टन प्याज की खरीद की थी। चड्ढा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अभी तक बफर स्टॉक से 43 हजार टन प्याज बाजार में उतारा जा चुका है। कुछ भंडार के बर्बाद होने के बाद अभी करीब 25 हजार टन प्याज भंडार में बचा हुआ है, जो नवंबर के पहले सप्ताह तक चलेगा।’


Yaspal

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