CBSE ने 10वीं और 12वीं के सिलेबस में किया बड़ा बदलाव, स्किल आधारित विषय होंगे अनिवार्य
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 04:17 PM (IST)

नेशनल डेस्क: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं और 12वीं के सिलेबस में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के अनुसार, छात्रों की स्किल डेवलपमेंट पर जोर देना और पढ़ाई के तरीकों को सरल बनाना है। CBSE के अनुसार, अब 10वीं के छात्रों को एक स्किल बेस्ड विषय अनिवार्य रूप से लेना होगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा।
10वीं के सिलेबस में हुए ये बदलाव
स्किल आधारित विषय अनिवार्य
10वीं के छात्रों को अब कंप्यूटर एप्लीकेशन, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में से एक विषय चुनना होगा। यह बदलाव छात्रों को कंप्यूटर संबंधित कौशल सीखने का अवसर देगा।
भाषा विषय
छात्रों को अंग्रेजी या हिंदी में से एक भाषा का चुनाव करना होगा, जिसे वे कक्षा 9 या 10 में पढ़ सकते हैं।
फेल होने पर मौका
अगर कोई छात्र गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान या किसी अन्य मुख्य विषय में फेल हो जाता है, तो उसे स्किल आधारित या वैकल्पिक भाषा विषय से यह कमी पूरी करने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को परीक्षा में पास होने का एक और अवसर मिलेगा।
12 वीं के सिलेबस में हुए ये बदलाव
नए स्किल-आधारित विषय
12वीं के सिलेबस में चार नए स्किल-आधारित विषय जोड़े गए हैं। इनमें लैंड ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएट, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर और डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन शामिल हैं।
पढ़ाई में बदलाव
गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भाषा, स्किल, जनरल स्टडीज और शारीरिक शिक्षा (पीएचई) जैसे विषयों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं।
ग्रेडिंग सिस्टम में बदलाव
सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के लिए नए ग्रेडिंग क्राइटेरिया को लागू किया है। अब 9-पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिसमें अंकों को ग्रेड में बदला जाएगा।
नए पढ़ाने के तरीके
सीबीएसई ने स्कूलों को नए सिलेबस के मुताबिक पढ़ाई के तरीके में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। सीबीएसई का मानना है कि ये बदलाव छात्रों को केवल रटने के बजाय चीजों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेंगे।
Project Based Learning: छात्रों को व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित किया जाएगा।
Research based Education: छात्रों को विभिन्न विषयों में शोध और विश्लेषण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
Technology Education: छात्रों को एआई आधारित उपकरणों और डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
Changes in Teaching Methods: शिक्षकों को नई शिक्षण आवश्यकताओं के अनुसार, अपनी पद्धतियों में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।