Cancer Treatment : बिना सर्जरी के कैंसर का इलाज, नई तकनीक से बढ़ी उम्मीद

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 12:48 AM (IST)

नेशनल डेस्क : कैंसर के इलाज में अब तक सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी का इस्तेमाल होता रहा है। लेकिन अब एक नई तकनीक सामने आई है, जिसमें बिना ऑपरेशन के ही ट्यूमर को खत्म किया जा सकता है। इस तकनीक को हिस्टोट्रिप्सी (Histotripsy) कहा जाता है, जो अल्ट्रासाउंड वेव्स के जरिए ट्यूमर को नष्ट करती है।

क्या है हिस्टोट्रिप्सी तकनीक?

हिस्टोट्रिप्सी एक आधुनिक मेडिकल तकनीक है, जिसमें हाई-इंटेंसिटी साउंड वेव्स सीधे ट्यूमर पर डाली जाती हैं। इससे ट्यूमर धीरे-धीरे टूटकर खत्म हो जाता है।
इस प्रक्रिया में न तो शरीर को काटना पड़ता है और न ही कीमो या रेडिएशन की जरूरत होती है।

कैसे काम करती है यह प्रक्रिया?

इस तकनीक में अल्ट्रासाउंड वेव्स ट्यूमर को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ देती हैं।

  • ट्यूमर के अंदर गैस के छोटे बुलबुले बनते हैं
  • ये बुलबुले ट्यूमर को तोड़ते हैं
  • ट्यूमर धीरे-धीरे लिक्विड जैसा बन जाता है
  • इसके बाद शरीर इसे आसानी से बाहर निकाल देता है

कब मिली मंजूरी?

साल 2023 में अमेरिका की FDA (Food and Drug Administration) ने इस तकनीक को लिवर ट्यूमर के इलाज के लिए मंजूरी दी थी। इसके बाद अमेरिका समेत कई देशों में इसका इस्तेमाल शुरू हो गया है।

किन मरीजों के लिए फायदेमंद?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए ज्यादा असरदार है, जिनका ट्यूमर 4 सेंटीमीटर से छोटा होता है। हालांकि, यह अभी मुख्य रूप से लिवर कैंसर के मामलों में ही उपयोगी मानी जा रही है।

क्या हर मरीज के लिए सही है?

डॉक्टरों का कहना है कि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है और हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। इस पर अभी भी रिसर्च चल रही है और बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

अभी भी पारंपरिक इलाज जरूरी

फिलहाल सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी ही कैंसर के मुख्य इलाज हैं। लेकिन जिन मरीजों के लिए ऑपरेशन संभव नहीं होता, उनके लिए हिस्टोट्रिप्सी एक बेहतर विकल्प बन सकती है।


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News Editor

Parveen Kumar

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