Stage 1 Cancer Alert: सावधान! शरीर में दिखें ये संकेत तो हो सकता हैं स्टेज-1 का कैंसर, इसे न करें इग्नोर नहीं तो...
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 11:29 AM (IST)
Stage 1 Cancer Alert : कैंसर—एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही मन में डर बैठ जाता है। अक्सर लोग इसे लाइलाज मानकर हार मान लेते हैं लेकिन सच यह है कि सही समय पर इसकी पहचान जान बचा सकती है। मेडिकल साइंस के अनुसार यदि कैंसर का पता स्टेज-1 (First Stage) में चल जाए तो रिकवरी की संभावना लगभग 100 प्रतिशत तक होती है। आइए समझते हैं कि कैंसर का पहला चरण क्या है और हमारा शरीर हमें क्या चेतावनी संकेत देता है।
क्या होता है स्टेज-1 कैंसर?
जब शरीर की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं तो वे एक छोटी गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। स्टेज-1 में यह ट्यूमर शरीर के केवल उसी हिस्से तक सीमित रहता है जहां वह शुरू हुआ है। यह लिम्फ नोड्स या अन्य अंगों में नहीं फैला होता इसलिए इसे सर्जरी या दवाइयों से हटाना बहुत आसान होता है।
यह भी पढ़ें: Horror Road Accident: मदद करने गए लोगों पर काल बनकर टूटा ट्रक, हवा में उछले लोग, चारों और बिखरा खून ही खून
इन 7 Warning Signals को कभी न करें इग्नोर
शरीर में होने वाले कुछ बदलावों को हम अक्सर आम समस्या समझकर टाल देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है:
1. बिना दर्द वाली गांठ : (Painless Lumps) शरीर के किसी भी हिस्से—जैसे ब्रेस्ट, गर्दन, बगल या कमर—में अगर कोई गांठ महसूस हो तो तुरंत जांच कराएं। याद रखें कैंसर की शुरुआती गांठों में अक्सर दर्द नहीं होता इसलिए दर्द न होने पर इसे इग्नोर करना भारी पड़ सकता है।

2. तिल या मस्से का बदलना : अगर आपके शरीर पर मौजूद किसी पुराने तिल या मस्से का रंग, आकार या टेक्सचर अचानक बदलने लगे या उसमें से खून या पस (Liquid) निकलने लगे तो यह स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है।
यह भी पढ़ें: Baby In Space : क्या अंतरिक्ष में गूंज सकती है बच्चे की किलकारी? जानें क्या सुरक्षित है नॉर्मल डिलीवरी?
3. अचानक वजन कम होना : बिना किसी डाइट या जिम के अगर आपका वजन तेजी से गिर रहा है तो यह खतरे की घंटी है। अच्छी डाइट के बावजूद वजन घटना शरीर के अंदर पनप रही किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करता है।
4. लगातार थकान और कमजोरी : बिना काम किए भी दिनभर सुस्ती, आलस और भारी कमजोरी महसूस होना कैंसर के शुरुआती लक्षणों में से एक है। इसे केवल काम का तनाव मानकर नजरअंदाज न करें।

5. मल-मूत्र या खांसी में खून आना : यदि खांसते समय बलगम में खून आए या यूरिन और मोशन के दौरान ब्लीडिंग हो, तो यह किडनी, फेफड़े या आंतों के कैंसर का संकेत हो सकता है। महिलाओं में पीरियड्स के अलावा होने वाली ब्लीडिंग भी गंभीर चिंता का विषय है।

6. पाचन और निगलने में समस्या : लगातार कब्ज रहना, पेट का फूला हुआ महसूस होना या कुछ भी खाते समय गले में दर्द या रुकावट महसूस होना, मुंह या गले के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
7. घाव जो जल्दी न भरें : मुंह के छाले या शरीर का कोई घाव जो कई हफ्तों के बाद भी ठीक नहीं हो रहा हो उसे डॉक्टर को जरूर दिखाएं। साथ ही रात में सोते समय बहुत अधिक पसीना आना और बार-बार बुखार होना भी रेड सिग्नल हैं।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है
डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर से डरने के बजाय लक्षणों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है। जरूरी नहीं कि ऊपर बताए गए हर लक्षण का मतलब कैंसर ही हो लेकिन समय रहते चेकअप कराने से आप एक बड़ी मुसीबत से बच सकते हैं।

