गर्दन में दिखें ये संकेत तो हो जाएं सावधान! हो सकता है 5 कैंसर का इशारा, समय रहते पहचानें नहीं तो...
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 04:02 PM (IST)
Thyroid Cancer : कैंसर शब्द सुनते ही मन में डर बैठ जाता है लेकिन चिकित्सा जगत में थायरॉइड कैंसर (Thyroid Cancer) को उन बीमारियों में रखा जाता है जिनका इलाज बेहद सफल है। गर्दन के निचले हिस्से में मौजूद तितली के आकार की यह ग्रंथि हमारे मेटाबॉलिज्म और दिल की धड़कन को नियंत्रित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि थायरॉइड कैंसर के प्रकार को समझकर इसका सही इलाज किया जाए तो मरीज एक सामान्य और लंबी जिंदगी जी सकता है। प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. वैभव सिंघल के अनुसार थायरॉइड कैंसर एक जैसी बीमारी नहीं है। इसके पांच अलग-अलग प्रकार होते हैं जिनमें से कुछ बेहद सामान्य हैं तो कुछ थोड़े आक्रामक।
थायरॉइड कैंसर के 5 मुख्य प्रकार और उनका इलाज
1. पैपिलरी थायरॉइड कैंसर (80% मामले): यह सबसे आम प्रकार है और अक्सर कम उम्र के लोगों में पाया जाता है। यह बहुत धीमी गति से बढ़ता है।
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इलाज: सर्जरी और रेडियोएक्टिव आयोडीन थेरेपी से इसमें 100% तक रिकवरी संभव है।
2. फॉलिक्यूलर थायरॉइड कैंसर: यह 10-15% मरीजों में देखा जाता है। यह कभी-कभी हड्डियों या फेफड़ों तक फैल सकता है।
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इलाज: समय पर सर्जरी के बाद इसके नतीजे बहुत सकारात्मक रहते हैं।
3. हर्थल सेल कैंसर (दुर्लभ): यह थोड़ा आक्रामक होता है और सालों बाद दोबारा लौट सकता है।
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सावधानी: इसमें रेडियोएक्टिव आयोडीन हमेशा काम नहीं करता इसलिए डॉक्टर लंबे समय तक मरीज की निगरानी (Follow-up) करते हैं।
4. मेडुलरी थायरॉइड कैंसर (अनुवांशिक): यह कैंसर परिवार के सदस्यों में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जा सकता है।
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जरूरी जांच: इसके मरीजों के लिए जेनेटिक टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है ताकि परिवार के अन्य सदस्यों के जोखिम का पता चल सके।
5. एनाप्लास्टिक थायरॉइड कैंसर (खतरनाक): यह सबसे कम पाया जाता है लेकिन सबसे तेजी से फैलता है। अचानक गर्दन में सूजन या आवाज का बैठना इसके लक्षण हैं। इसमें तुरंत और गहन चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
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गर्दन में कोई गांठ या सूजन महसूस होना।
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निगलने में तकलीफ या सांस लेने में दिक्कत।
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बिना किसी ठंडी या इन्फेक्शन के आवाज का भारी होना।
