Mouth Cancer Symptoms: खतरे की घंटी! काफी समय से हैं आपके मुंह में छाले तो न करें इसे इग्नोर, हो सकता है कैंसर का...
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 04:10 PM (IST)
Early Symptoms of Oral Cancer: मुंह में छाले होना एक आम समस्या है जिसे हम अक्सर पेट की खराबी या गर्मी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप एक मामूली छाला समझ रहे हैं वह मुंह का कैंसर (Oral Cancer) भी हो सकता है? भारत में ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जिसका सबसे बड़ा कारण शुरुआती लक्षणों की अनदेखी है। डॉ. चांदनी माथुर (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन) के अनुसार लोग अक्सर घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठे रहते हैं जबकि समय पर जांच ही इस बीमारी से बचने का एकमात्र तरीका है।
कब सावधान हो जाना चाहिए?
आमतौर पर साधारण छाले 1 से 2 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर आपके मुंह में कोई छाला या घाव 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे। छाले में दर्द न हो (अक्सर कैंसर वाले घाव शुरुआती दौर में दर्दरहित होते हैं)।घरेलू उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार न हो। ...तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
ओरल कैंसर के मुख्य लक्षण
मुंह का कैंसर केवल छालों तक सीमित नहीं है यह इन संकेतों के रूप में भी दिख सकता है:
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सफेद धब्बे (ल्यूकोप्लाकिया): मुंह के अंदर सफेद पैच जो रगड़ने पर भी साफ न हों। ये प्री-कैंसर की स्थिति हो सकते हैं।
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लाल धब्बे (एरिथ्रोप्लाकिया): मखमली लाल धब्बे जिनसे खून भी आ सकता है।
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गांठ या सूजन: गाल, जीभ या मसूड़ों में किसी सख्त गांठ का महसूस होना।
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मुंह खोलने में दिक्कत: अगर जबड़ा कम खुलने लगे या चबाने-निगलने में परेशानी हो।
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दांतों का ढीला होना: बिना किसी मसूड़े की बीमारी के अचानक दांतों का हिलना।
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अन्य संकेत: आवाज का बैठना, लार में खून आना, या बिना वजह कान में दर्द होना।
सबसे ज्यादा खतरा किसे है?
ओरल कैंसर किसी को भी हो सकता है लेकिन कुछ आदतों से इसका जोखिम कई गुना बढ़ जाता है:
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तंबाकू का सेवन: गुटखा, पान मसाला, खैनी या सिगरेट/बीड़ी पीने वालों में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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शराब: अत्यधिक शराब का सेवन मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
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ओरल हाइजीन: दांतों की सफाई न रखना या मुंह में कोई नुकीला दांत होना जो बार-बार गाल को काटता हो।
बचाव और जांच के तरीके
डॉक्टर सलाह देते हैं कि "रोकथाम इलाज से बेहतर है":
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सेल्फ-चेक: महीने में एक बार शीशे के सामने अपना मुंह खोलकर जीभ, गालों के अंदर और तालू की जांच खुद करें।
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बुरी आदतें छोड़ें: तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं।
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बायोप्सी: अगर डॉक्टर को संदेह हो, तो बायोप्सी (टुकड़े की जांच) करवाने में देरी न करें। शुरुआती स्टेज में पता चलने पर कैंसर का सफल इलाज संभव है।



