वजूद बचाने को सियासी जमीन तलाश रहे हैं बसपा सांसद, भाजपा सहित दूसरी पार्टियों से कर रहे हैं संपर्क

punjabkesari.in Friday, Feb 23, 2024 - 09:57 AM (IST)

नेशनल डेस्क: आगामी लोकसभा के चुनाव के चलते उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सक्रियता को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। यू.पी. में बसपा किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और भाजपा देश भर में 400 पार का नारा देकर राज्य की सभी 80 सीटों पर काबिज होने के दावे ठोक रही है। ऐसे में बसपा के वर्तमान सांसद अभी से अपने वजूद को बचाने के लिए भाजपा सहित दूसरी पार्टियों के संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि टिकट न मिलने के अंदेशे से वह अपने लिए सुरक्षित सियासी जमीन तलाश कर रहे हैं। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने यू.पी. में 10 सीटें जीती थी और राज्य में भाजपा के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी।

बसपा सांसद को सपा ने दिया टिकट
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बसपा के दस सांसदों में से समाजवादी पार्टी (सपा) ने गाजीपुर से अफजाल अंसारी को टिकट दिया है। अफजाल अंसारी 2019 में बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते थे। अफजाल अंसारी बाहुबली और डॉन मुख्तार अंसारी के भाई हैं। अफजाल अंसारी की हार-जीत का सीधा असर मुख्तार अंसारी के रुतबे पर पड़ेगा।  मुख्तार अंसारी भले ही जेल में बंद हों लेकिन, उसका बेटा अब्बास अंसारी मऊ से विधायक है। बड़े भाई सिबगतुल्ला के बेटे मन्नू अंसारी ने सियासी कमान संभाली हुई है। अफजाल अभी भी गाजीपुर से सांसद हैं।

सस्पेंड सांसद कांग्रेस के संपर्क में
वहीं दूसरी ओर अमरोहा से सांसद दानिश अली को पार्टी ने पहले ही सस्पेंड कर दिया था। माना जा रहा है कि वो कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। दानिश अली राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान मणिपुर में भी मौजूद थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि  बसपा के बचे हुए आठ सांसद ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनको टिकट मिलेगा भी या नहीं। इसलिए वह आगामी चुनाव से पहले अपने लिए मजबूत राजनीतिक जमीन तलाश करने में जुटे हैं।

आठ सांसदों को नहीं है चुनावी तैयारियों की खबर
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इन आठ सांसदों से बसपा ने अब तक चुनावी तैयारियों के संबंध में कोई संपर्क नहीं किया है। बसपा के सांसद सपा, भाजपा और कांग्रेस में संभावनाएं तलाश रहे हैं, इस बारे में पूछे जाने पर पार्टी के सेंट्रल कॉर्डिनेटर रामजी गौतम ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। बसपा के एक सांसद ने तो यह भी कहा है कि उन्हें संगठन की बैठकों में भी नहीं बुलाया जाता है, इसलिए मुझे दूसरे विकल्पों को देखना होगा। जौनपुर से बसपा सांसद श्याम सिंह यादव दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे, हालांकि बाद में यादव ने कहा कि वो निजी हैसियत से यात्रा में शामिल हुए थे। यादव ने लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को बताने से इनकार किया है।

आर.एल.डी. और भाजपा के संपर्क में दो सांसद
सूत्रों के हवाले से यह बताया गया है कि बसपा का कम से कम एक सांसद राष्ट्रीय लोकदल यानी आर.एल.डी. के संपर्क में हैं। आर.एल.डी ने हाल ही में एन.डी.ए. में जाने का फैसला किया था। पश्चिमी यू.पी. से एक और बसपा सांसद भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। माना जाता है कि इस सांसद ने बीते साल घोषी सीट पर हुए उपचुनावों में भाजपा की मदद की थी। हालांकि ये सीट सपा के पास चली गई थी। एक और सांसद के सहयोगियों ने बताया है कि वह भाजपा की पुष्टि का इंतज़ार कर रहे हैं और वो अपना ही संगठन बनाने की दिशा में बढ़े हैं। इन सांसद के सहयोगियों ने बताया कि अगर बसपा और भाजपा दोनों ने टिकट नहीं दिया तो ये निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

2012 के बाद से हाशिए पर है बसपा
लालगंज लोकसभा सीट बसपा सांसद संगीता आजाद के पति से जब इस बारे में पूछा गया तो वो बोले- बहनजी के अपने नियम और सिद्धांत हैं, वह उसी के अनुसार काम करती हैं। बीते साल संगीता आज़ाद अपने पति के साथ पीएम मोदी से मिली थीं। आंबेडकर नगर से सांसद रितेश पांडे का कहना है कि अभी तो मैं जहां हूं, वहीं हूं। मैं अपनी नेता के आदेश का इंतजार कर रहा हूं। 2012 के बाद से बसपा हाशिए पर है, हालांकि 2019 में 10 सीटें जीतकर मायावती ने अपनी ताकत दिखाई थी। इस चुनाव में बसपा सपा के साथ चुनावी मैदान में थी। 2014 में बसपा जब अकेले लड़ी थी, जब वो एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद बसपा ने सपा से अपनी राहें अलग कर ली थीं और 2022 विधानसभा चुनावों में अकेले मैदान में थी। 


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Content Editor

Mahima

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