एक ही झटके में धराशायी हुआ अरबों का बिजनेस: लग्जरी कारें, प्राइवेट जेट, बुर्ज खलीफा में फ्लैट...सिर्फ ₹74 में बिकी ₹880000000000 कंपनी

punjabkesari.in Monday, Oct 20, 2025 - 09:29 AM (IST)

नेशनल डेस्क:  कहते हैं कि जिंदगी के पहिये कब किस मोड़ पर घुम जाएं, कोई नहीं जानता। एक वक्त था जब बीआर शेट्टी नाम सुनते ही करोड़ों की दौलत, आलीशान महल, लग्जरी कारें और अंतरराष्ट्रीय कारोबार की छवि सामने आती थी। लेकिन अचानक से उनकी चमक फीकी पड़ गई और वह वह मुकाम, जो कभी दूर का सपना था, एक झटके में धराशायी हो गया। भारत के इस मशहूर उद्यमी की कहानी हमें दिखाती है कि कैसे सपनों का साम्राज्य मिनटों में धूल में मिल सकता है।

सफलता की बुलंदियों से पतन की चपेट तक
बीआर शेट्टी, जो कर्नाटक के एक छोटे से शहर कापू में एक सामान्य परिवार में पैदा हुए थे, 31 साल की उम्र में मात्र कुछ सौ रुपये लेकर दुबई पहुंचे। यहां उन्होंने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी से शुरुआत की और धीरे-धीरे कारोबार की सीढ़ियां चढ़ते हुए न्यू मेडिकल सेंटर (NMC) और यूएई एक्सचेंज जैसी बड़ी कंपनियां खड़ी कीं। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने उन्हें 2019 तक फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की सूची में जगह दिलाई।

अरबों के साम्राज्य से 74 रुपये की बिक्री तक
बीआर शेट्टी का साम्राज्य 88,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका था, लेकिन साल 2019 में एक विवाद ने उनकी किस्मत बदल दी। यूके की फर्म मड्डी वार्ट्स ने उनके कारोबार पर भारी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। इस खुलासे ने उनके कारोबार की नींव हिला दी। शेयर बाजार में उनके स्टॉक्स धड़ाम हो गए और उन्हें अपनी बहुमूल्य कंपनियों को महज 74 रुपये में एक विदेशी कंसोर्टियम को बेचने पर मजबूर होना पड़ा।

अदालत का बड़ा फैसला और आर्थिक संकट
हाल ही में दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) की अदालत ने बीआर शेट्टी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को 408 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया। पहले ही दिवालियापन की कगार पर खड़े शेट्टी के लिए यह एक और बड़ा झटका है। अदालत ने उनकी दलीलों को ठुकराते हुए बैंक के बकाया भुगतान का आदेश दिया है।

लग्जरी लाइफ से सड़कों की राह तक
शेट्टी के पास कभी लग्जरी कारें, निजी जेट, दुबई के बुर्ज खलीफा में फ्लैट और आलीशान विला थे, लेकिन अब वे वित्तीय दबाव और विवादों के बीच फंसे हुए हैं। उनकी कहानी दर्शाती है कि कारोबार की दुनिया में सफलता के साथ-साथ स्थिरता बनाए रखना कितना मुश्किल है।

भारतीय कारोबारी के लिए सबक
बीआर शेट्टी की कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन तमाम उद्यमियों के लिए एक चेतावनी भी है जो सफलता के शिखर पर पहुंचते हैं। वित्तीय पारदर्शिता, ईमानदारी और जोखिम प्रबंधन के बिना किसी भी व्यवसाय का भविष्य अनिश्चित होता है। शेट्टी के उतार-चढ़ाव से यह भी समझ आता है कि किस तरह एक गलत कदम या छुपे हुए राज व्यापार के पतन का कारण बन सकते हैं।


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Content Editor

Anu Malhotra

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