ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर BJP - शिवसेना महायुति का कब्जा, खास रणनीति लाई रंग

punjabkesari.in Sunday, Jul 12, 2026 - 05:50 PM (IST)

नई दिल्ली। ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक मंडल के चुनाव के बाद अब अध्यक्ष पद के चुनाव में भी भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक रवींद्र चव्हाण तथा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की राजनीतिक रणनीति का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा-शिवसेना महायुति ने निर्णायक जीत दर्ज करते हुए बैंक की कमान अपने हाथ में ले ली।

महायुति ने उतारे 14 उम्मीदवार 

गौरतलब है कि बैंक की कार्यकारिणी के चुनाव में सहकार पैनल और परिवर्तन पैनल के बीच सीधा मुकाबला था। वर्षों से बैंक पर बने बहुजन विकास आघाड़ी के प्रभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से रवींद्र चव्हाण और एकनाथ शिंदे ने भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों को दोनों पैनलों से चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव परिणामों में दोनों पैनलों को मिलाकर भाजपा-शिवसेना महायुति के 14 उम्मीदवार विजयी हुए।
इसके बाद अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

अलग-अलग पैनलों से मैदान में उतरे

अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा-शिवसेना महायुति के 14 और बहुजन विकास आघाड़ी के 7 सदस्यों ने मतदान किया। चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कार्यकारिणी चुनाव में अलग-अलग पैनलों से मैदान में उतरे भाजपा नेता किसन कथोरे और कपिल पाटील अध्यक्ष पद के चुनाव में एकजुट दिखाई दिए। 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रवींद्र चव्हाण की संतुलित और प्रभावी राजनीतिक रणनीति का परिणाम है। वहीं, दूसरी ओर शिवसेना का एक वोट टूटने से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को हल्का राजनीतिक झटका जरूर लगा।

ये उम्मीदवार जीते 

चुनाव के परिणाम में बीजेपी-शिवसेना महायुति के उम्मीदवार अरुण बालू पाटील अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि भाग्यश्री निलेश भोईर उपाध्यक्ष चुनी गईं। इसके साथ ही ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक पर बहुजन विकास आघाड़ी का वर्षों पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया और बीजेपी-शिवसेना महायुति ने बैंक के नेतृत्व पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।


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Content Editor

Mansi

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