पत्थरबाजी BJP के कार्यकत्ता कर रहे हैं, पर बदनाम प्रदर्शनकारी हो रहे हैं: अभिजीत दिपके
punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 09:52 AM (IST)
नेशनल डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन को जानबूझकर खराब करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंकने और प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। पत्रकारों से बात करते हुए दिपके ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन एक महीने से बिना किसी ऐसी घटना के चल रहा था, लेकिन प्रदर्शन के जोर पकड़ने के बाद स्थिति बदल गई।
उन्होंने कहा, "विरोध-प्रदर्शन को जानबूझकर खराब करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। हम एक महीने से यहां बैठे हैं। एक महीने में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। लेकिन अब, जैसे-जैसे यह विरोध-प्रदर्शन बढ़ा है, BJP द्वारा बाहर से गुंडों को भेजा जा रहा है ताकि लोगों को जानबूझकर उकसाया जा सके।" दिपके ने आगे आरोप लगाया, "ये BJP के ही लोग हैं जो पत्थर फेंक रहे हैं। पुलिस यहां पत्थर से भरे ट्रक लाती है। BJP के गुंडे आते हैं, पत्थर फेंकते हैं और फिर CJP के लोगों को बदनाम करते हैं..." दिपके ने यह भी कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस का लाठीचार्ज "बहुत बर्बर" था और उन्होंने कहा कि वे इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को अदालत में ले जाएंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि वे सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह कर रहे हैं।
दिपके ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन का आज 34वां दिन है, जबकि वांगचुक की भूख हड़ताल 26वें दिन भी जारी है। उन्होंने कहा, "मैंने लाठीचार्ज के बारे में पहले ही बात की है। यह बहुत बर्बर था, और हम इसे अंजाम देने वाले पुलिस अधिकारियों को अदालत में ले जाएंगे। आज हमारे विरोध-प्रदर्शन का 34वां दिन है। सोनम सर की भूख हड़ताल जारी है। आज उनकी भूख हड़ताल का 26वां दिन है, इसलिए हमारी मांगें पूरी होने तक हमारा विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।" हालांकि, डिपके ने कहा कि उन्होंने वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा, "हम सोनम सर से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि हम उनकी जान जोखिम में नहीं डाल सकते..." कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को "गैर-समझौता योग्य" (non-negotiable) बताया और कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
दास ने कहा कि उन्होंने दिन भर में कई बार सोनम वांगचुक से बात की और वे इस बात पर सहमत हुए कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। दास ने कहा, "मैंने आज कई बार सोनम वांगचुक से बात की। नतीजा यह निकला कि यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और सही तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की सार्वजनिक रूप से अपील भी की है।"
उन्होंने आरोप लगाया, "...इस देश में पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में, सत्ताधारी सरकार द्वारा भेजे गए असामाजिक तत्व घुसपैठ करते हैं और पूरे विरोध प्रदर्शन को पटरी से उतार देते हैं। फिर अंत में, शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने वालों को ही दोषी ठहराया जाता है, और ऐसा नहीं होना चाहिए।" शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर दास ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-समझौता योग्य है। इसके बिना विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यह तब तक जारी रहेगा जब तक जरूरी हो।" केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और यह एक गंभीर समस्या है जिस पर गहन चर्चा की आवश्यकता है।
राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में NEET-UG पेपर लीक के सभी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
