Jharkhand Student Protest को लेकर BJP और राहुल गांधी के बीच छिड़ी सियासी वार- पलटवार
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 11:53 AM (IST)
Jharkhand Student Protest : बुधवार को झारखंड से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने संसद में रांची में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हाल ही में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। BJP सांसदों ने गांधी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांधी दिल्ली में छात्र विरोध प्रदर्शनों का समर्थन तो करते हैं, लेकिन झारखंड में JMM-कांग्रेस गठबंधन सरकार द्वारा छात्रों के साथ किए गए बर्बर व्यवहार पर चुप रहते हैं। इसके जवाब में, विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा और अमित शाह जवाब दो के नारे लगाए। विपक्ष ने राष्ट्रीय राजधानी और अन्य राज्यों में छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री को घेरा।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कड़ा हमला बोला और देश भर में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठी और पैलेट गन समेत अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बात करते हुए, कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब युवा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाते हैं, तो उनके साथ किए गए व्यवहार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा, "आपको क्या लगता है, कौन जिम्मेदार है? जब हजारों छात्र इकट्ठा होते हैं और उनकी एक ही मांग होती है, तो आप उन पर लाठियां बरसाते हैं, उन पर पैलेट गन चलाते हैं और बिहार में तो आप उनके खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल करते हैं।"
लोकतांत्रिक जवाबदेही का मुद्दा उठाते हुए, उन्होंने पूछा कि क्या गृह मंत्री इन कार्यों के लिए खुद को नागरिकों के प्रति जवाबदेह मानते हैं। उन्होंने सवाल किया, "क्या आप जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं? तो क्या हम बस चुपचाप बैठे रहें?" उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष चुप नहीं बैठेगा जब "बर्बर बल" के जरिए छात्रों की आवाज़ दबाई जा रही हो। ये टिप्पणियां दिल्ली, झारखंड और बिहार में भर्ती में अनियमितताओं और परीक्षा पेपर लीक को लेकर छात्रों के नेतृत्व में हुए कई विरोध प्रदर्शनों के बाद आई हैं। कांग्रेस इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से सदन में औपचारिक बयान और माफी की मांग कर रही है। इससे पहले, झारखंड में छात्रों ने अपनी मांगों और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर रांची में राज्य विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया था।
छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों के विधानसभा की ओर मार्च करने के बाद आंदोलन तेज़ हो गया और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बैरिकेड्स तोड़े जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। झारखंड का छात्र आंदोलन एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है; विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और सरकार से प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की है। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं; भगत का दावा है कि अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में दखल दिया है।
छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ किए गए व्यवहार के लिए जवाबदेही की मांग कर रही है और उसने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की आलोचना की है। प्रियंका गांधी की ओर से अमित शाह से बयान देने की मांग तब आई, जब विपक्ष ने झारखंड छात्र विरोध प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को संसदीय बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की।
