गैर मर्दों के साथ फोन पर लंबी-लंबी बातें करती थी पत्नी, पति बोला- मैंने बहुत समझाया लेकिन फिर भी तीसरे शख्स ने...
punjabkesari.in Monday, Jan 19, 2026 - 01:06 PM (IST)
नेशनल डेस्क। बीकानेर में पारिवारिक न्यायालय (Family Court) ने तलाक के एक पेचीदा मामले में ऐतिहासिक रुख अपनाते हुए पत्नी के कथित प्रेमी को भी केस में पक्षकार बनाने का आदेश दिया है। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी अक्सर गैर मर्दों के साथ फोन पर लंबी-लंबी बातें करती थी। मैंने बहुत समझाया लेकिन वो नहीं मानी, जिसके बाद तीसरे शख्स यानि कि उसके प्रेमी ने मेरा घर उजाड़ दिया। अदालत ने माना है कि मामले की तह तक जाने के लिए उस युवक का पक्ष सुनना भी उतना ही जरूरी है।
फोन पर बातचीत और सामाजिक बदनामी का आरोप
पीड़ित पति ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर अपनी आपबीती सुनाई। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी अक्सर दूसरे पुरुषों से फोन पर लंबी बातें करती थी। जब उसने विरोध किया तो उसे समाज में अपमानित होना पड़ा। विवाद इतना बढ़ा कि एक दिन पत्नी अचानक घर छोड़कर चली गई जिसके बाद पति ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी (Missing Report) दर्ज कराई थी।
थाने में पत्नी का चौंकाने वाला बयान
पुलिस की तलाश के बाद जब महिला एक युवक के साथ थाने पहुंची तो वहां उसने जो कहा उससे पति के पैरों तले जमीन खिसक गई। महिला ने साफ कहा कि उसे अपने पति से नफरत है। उसने स्वीकार किया कि वह उक्त युवक से प्रेम करती है और उससे विवाह कर चुकी है। महिला ने न केवल अपने पति बल्कि अपने मासूम बेटे से भी सारे संबंध खत्म करने की घोषणा कर दी।
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सोशल मीडिया और लिव-इन के दस्तावेज बने सबूत
पति ने अपनी दलीलों को पुख्ता करने के लिए न्यायालय के समक्ष कई अहम सबूत पेश किए जिनमें शामिल थे:
सोशल मीडिया फोटो: पत्नी और उसके प्रेमी की साथ में खिंचवाई गई तस्वीरें।
शपथपत्र (Affidavit): लिव-इन रिलेशनशिप और शादी से जुड़े कानूनी दस्तावेज।
लिव-इन एग्रीमेंट: दोनों के साथ रहने के पुख्ता प्रमाण।
न्यायालय का आदेश: अब प्रेमी को देना होगा जवाब
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प्रस्तुत दस्तावेजों और सोशल मीडिया के फोटो का बारीकी से अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने माना कि जिस युवक के साथ पत्नी रह रही है वह इस तलाक के मामले का एक महत्वपूर्ण और सुसंगत पक्षकार (Necessary Party) है।न्यायालय ने युवक को रजिस्टर्ड नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। अब उस तीसरे शख्स को भी कोर्ट में आकर अपनी दलीलें देनी होंगी। कोर्ट देखेगा कि तलाक की प्रक्रिया में उसकी कितनी और कैसी भूमिका रही है।
