असम में बाढ़ का कहर जारी: मृत''कों की संख्या 66 पहुंची, 6.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित

punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 05:58 AM (IST)

गुवाहाटी: असम में जारी विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों के भीतर चार और लोगों की जान जाने के साथ ही इस मानसून सत्र में बाढ़ से मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 66 हो गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुई चार मौतों में से तीन शिवसागर जिले से और एक चराइदेव से दर्ज की गई है।

10 जिलों में हाहाकार, शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित
आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 10 जिलों गोलाघाट, चराइदेव, कामरूप, होजई, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, सोनितपुर, कामरूप (मेट्रो) और नगांव में 6.54 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। शिवसागर जिला इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 2,90,777 की आबादी संकट में है, इसके बाद चराइदेव और जोरहाट का नंबर आता है। बाढ़ के पानी ने 810 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे ग्रामीण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

खतरे के निशान से ऊपर नदियां और कृषि को भारी नुकसान
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बना हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के कृषि क्षेत्र की कमर तोड़ दी है; लगभग 34,970.8 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पानी में डूब चुका है। पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें 4.5 लाख से अधिक जानवर प्रभावित हुए हैं और 3,000 से अधिक पशु बह गए हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन ने प्रभावितों की मदद के लिए 274 राहत केंद्र और शिविर खोले हैं, जिनमें वर्तमान में 18,902 लोग शरण लिए हुए हैं। इन शिविरों में 2,157 बच्चे और 187 गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति हुई है, जिसमें 143 सड़कें और कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं; अकेले शिवसागर जिले में तटबंधों में 7 दरारें आने की खबर है।

केंद्रीय मंत्री ने लिया स्थिति का जायजा
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर में राहत शिविरों का दौरा कर स्थिति को "अत्यंत गंभीर" बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राहत कार्यों में जुटी हैं और NDRF व SDRF की टीमें फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News