88 घंटे, 100 पाकिस्तानी सैनिक ढेर और 22 मिनट का रिसेट: आर्मी चीफ ने खोली पाकिस्तान की बर्बादी की फाइल
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 02:10 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार पनप रहे आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ किया कि भारतीय सेना 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद भी पूरी तरह सतर्क है और किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। जनरल द्विवेदी के अनुसार, भारतीय खुफिया एजेंसियां इन कैंपों पर पल-पल की नजर रख रही हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि इन ठिकानों से भारत के खिलाफ कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो सेना दोबारा सख्त सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
कैंपों में 150 आतंकी घुसपैठ की फिराक में
सेना प्रमुख ने विवरण साझा करते हुए बताया कि इन 8 सक्रिय कैंपों में से 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर और 6 नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब स्थित हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार, इन कैंपों में फिलहाल 100 से 150 आतंकी मौजूद हैं, जो भारत में अस्थिरता फैलाने की योजना बना रहे हैं।
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#WATCH | Delhi: Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "We need missile force. Today, you will see that rockets and missiles have become intertwined because if we want to achieve an impact, both rockets and missiles can deliver it. We are looking towards a rocket missile… pic.twitter.com/LRLmNytToP
— ANI (@ANI) January 13, 2026
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'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद की स्थिति
हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि यह अभियान बेहद सफल रहा, जिसमें 9 में से 7 लक्ष्यों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 10 मई के बाद से जम्मू-कश्मीर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ऑपरेशन के बाद दोनों देशों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (DGMO) के बीच हुई बातचीत के बाद अग्रिम मोर्चों (Forward Deployment) से सेनाओं की तैनाती कम की गई है और तनाव के समय हुए सैन्य मूवमेंट को वापस पुरानी जगहों पर भेज दिया गया है।
परमाणु मुद्दे पर स्पष्टीकरण
परमाणु हथियारों को लेकर हाल ही में आए बयानों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सैन्य स्तर की बातचीत में कभी भी परमाणु मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान राजनेताओं के मंच से आए हैं और सेना की ओर से ऐसा कोई संदेश नहीं दिया गया है। भारत ने पहली बार अपनी पारंपरिक और परमाणु क्षमता के बीच के 'ग्रे ज़ोन' का इस्तेमाल कर पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया है।
