बांग्लादेश में फिर हिंदू मंदिर निशाने पर, मां काली की मूर्ति समेत सोने-चांदी के सामान चोरी

punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 06:04 PM (IST)

Dhaka: बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच फरीदपुर शहर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर से मां काली की प्रतिमा समेत कई धार्मिक वस्तुएं चोरी होने का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया द डेली स्टार के अनुसार चोरी शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे से रविवार सुबह पौने 6 बजे के बीच हुई। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक चोर मंदिर के दरवाजे और लोहे के शटर पर लगे कई ताले तोड़कर अंदर दाखिल हुए। चोरी की गई वस्तुओं में काली की काले पत्थर की प्रतिमा, उस पर चढ़े करीब 7-8 तोले सोने के आभूषण, भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण और मनसा की छोटी पीतल की प्रतिमाएं तथा शिवलिंग के चारों ओर लिपटा करीब 8-10 तोले वजन का चांदी का नाग शामिल है।


मंदिर के पुजारी देवी प्रसाद चक्रवर्ती के अनुसार काली की प्रतिमा सफेद संगमरमर की शिव प्रतिमा के ऊपर स्थापित थी। चोर सफेद संगमरमर की शिव प्रतिमा को वहीं छोड़ गए, लेकिन उसके ऊपर लगी काली की प्रतिमा उठा ले गए। पुजारी के मुताबिक दोनों प्रतिमाओं की संयुक्त संरचना का वजन करीब 40 किलोग्राम था और अकेली काली प्रतिमा का वजन कम से कम 20 किलोग्राम था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोरों ने चोरी को अंजाम देने के लिए पहले से तैयारी की होगी।मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुशल चक्रवर्ती ने बताया कि मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। चोरी की सूचना सुबह करीब पौने 6 बजे राष्ट्रीय आपात सेवा 999 को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। फरीदपुर कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी महमूदुल हसन ने बताया कि पुलिस की कई टीमें चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। पुलिस और अपराध जांच विभाग की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए हैं। अभी तक चोरी हुई वस्तुएं बरामद नहीं हुई हैं।

 

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब फरीदपुर में अगस्त में भी एक मंदिर से पीतल की प्रतिमाएं चोरी होने की खबर आई थी। द डेली स्टार के अनुसार नागरकांडा इलाके के एक मंदिर से राधा-कृष्ण की जोड़ी और गोपाल की प्रतिमा चोरी हुई थी। पुलिस ने उस मामले में आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाए थे। बाद में पुलिस ने उन दो प्रतिमाओं को बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। फरीदपुर की ताजा घटना ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर जारी बहस को फिर सामने ला दिया है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने जनवरी से जून 2026 के बीच धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 44 लोगों की हत्या और 15 धार्मिक स्थलों पर हमलों समेत कई घटनाओं का दावा किया था। ये संगठन द्वारा जारी आंकड़े हैं। 


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Content Writer

Tanuja

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