बंगाल में BJP की ‘परिवर्तन यात्रा’ को कलकत्ता हाई कोर्ट की मंजूरी, लेकिन लगाई समय और भीड़ की शर्तें
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 08:30 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यभर में ‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने 1 से 3 मार्च तक यात्रा आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी। हालांकि, तय समय तक अनुमति न मिलने पर BJP ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस शुभ्रा घोष की एकल पीठ ने याचिका पर फैसला सुनाया। अदालत ने 1 और 2 मार्च को यात्रा निकालने की सशर्त अनुमति प्रदान की, जबकि 3 मार्च की अनुमति नहीं दी गई।
अदालत की प्रमुख शर्तें
यात्रा केवल दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही निकाली जा सकेगी। किसी भी स्थान पर अधिकतम 1,000 लोगों की मौजूदगी की अनुमति होगी। स्थानीय पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को असुविधा न होने देने की जिम्मेदारी दी गई है।
बताया गया कि BJP ने 22 फरवरी को पुलिस प्रशासन को आवेदन दिया था। जवाब न मिलने के बाद पार्टी ने अदालत में याचिका दायर की। पार्टी का कहना है कि यह अभियान राज्य में “परिवर्तन” के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास है।
9 रथ यात्राओं का खाका
BJP ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कुल नौ ‘परिवर्तन रथ यात्राएं’ निकालने की योजना बनाई है। इन यात्राओं के जरिए लगभग 5,000 किलोमीटर का सफर तय करते हुए सभी विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रा कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2 मार्च को रायदीघी से शामिल होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी की योजना है। अभियान के समापन पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित रैली का भी प्रस्ताव है।
राज्य में फिलहाल ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। BJP 2021 के चुनावी प्रदर्शन से आगे बढ़ते हुए इस बार सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रही है। पार्टी का फोकस “परिवर्तन” के नारे के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर है।
