Gas Cylinder Booking Change: अब 25 दिन से पहले नहीं मिलेगा दूसरा सिलेंडर! LPG crisis के बीच सरकार ने बदले बुकिंग नियम
punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 05:21 PM (IST)
नेशनल डेस्क: मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते सैन्य तनाव की तपिश अब भारत तक पहुंचने लगी है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण समुद्री व्यापारिक मार्गों, विशेष रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में आई बाधा के कारण भारत की LPG आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। इसके परिणामस्वरूप देश के कई राज्यों में कमर्शियल गैस की किल्लत पैदा हो गई है और घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों को सख्त कर दिया गया है।
घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
कच्चे माल (प्रोपेन और ब्यूटेन) की कमी को देखते हुए सरकार ने 'अनिवार्य वस्तु अधिनियम' के तहत आपातकालीन प्रावधान लागू किए हैं। तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) को निर्देश दिया गया है कि वे उपलब्ध स्टॉक को पहले घरेलू (14.2 किलो) सिलेंडर के लिए सुरक्षित रखें। इसका सबसे बड़ा खामियाजा कमर्शियल सेक्टर को भुगतना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र: पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में कमर्शियल गैस की आपूर्ति में भारी कटौती की गई है। पुणे में तो एलपीजी से चलने वाले श्मशान घाटों को भी अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है। लगभग 9,000 रेस्टोरेंट और बार के कामकाज पर संकट गहरा गया है।
पंजाब: राज्य में 8 मार्च से कमर्शियल और औद्योगिक सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है।
तेलंगाना और तमिलनाडु: हैदराबाद, चेन्नई और कोयंबटूर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में कमर्शियल सिलेंडर की नई डिस्पैच फ्रीज कर दी गई है।

बुकिंग नियमों में बदलाव
घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए अब बुकिंग के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में अब आप पिछला सिलेंडर मिलने के 21 से 25 दिनों के बाद ही नया रिफिल बुक कर पाएंगे। इससे पहले की गई कोई भी बुकिंग सिस्टम द्वारा ऑटोमैटिक रिजेक्ट कर दी जाएगी। इसके अलावा, डिलीवरी के समय ओटीपी (OTP) या बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है।
कितनी बढ़ी कीमतें
7 मार्च से एलपीजी की कीमतों में उछाल देखा गया है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग 115 रुपये और घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब 60 रुपये तक बढ़ गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।
आपूर्ति में 30% की गिरावट
भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से आयात करता है। वर्तमान तनाव के कारण साप्ताहिक आयात में लगभग 30% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्टॉक को रेशनिंग (Rationing) के जरिए प्रबंधित करना पड़ रहा है।
