तीन साल बाद अमरनाथ यात्रा शुरू करने के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने की पूरी तैयारी

punjabkesari.in Monday, Jun 27, 2022 - 11:00 PM (IST)

श्रीनगर : श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) दक्षिण कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए 30 जून से शुरू हो रही यात्रा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है ।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर प्रशासन इस पवित्र गुफा को जाने वाले पहलगाम एवं बालटाल दोनों मार्गों पर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था कर श्राइन बोर्ड की कोशिशों में हाथ बटा रहा है।

बोर्ड तीर्थयात्रा करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के वास्ते सारे इंतजाम कर रहा है , साथ ही उसने उन लोगों के लिए ऑनलाइन दर्शन की भी व्यवस्था की है जो यात्रा नहीं कर सकते।

एसएएसबी के एक अधिकारी ने कहा, " जो श्रद्धालु यात्रा के लिए नहीं आ सकते, वे ऑनलाइन दर्शन, पूजा, हवन एवं प्रसाद की सुविधा ले सकते हैं। "

बालटाल आधार शिविर में श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी सुविधाओं से युक्त 70 बिस्तरों वाला डीआरडीओ अस्पताल खोला गया है।

इस अस्पताल में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सामान्य एवं ऑक्सीजन सुविधायुक्त वार्ड, ओपीडी, आईसीयू , दवाई भंडार एवं प्रयोगशाला है। इस अस्पताल का खर्च स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उठा रहा है।

केंद्रशासित प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए विशेष इंतजाम किये हैं। उसने श्रद्धालुओं के लिए काजीगुंड से बालटाल एवं चदंनवाडी जाने के रास्तों में 55 स्थानों पर च्मूलभूत जीवन रक्षक एंबुलेंस' तथा 26 'उन्नत जीवन रक्षक गंभीर देखभाल एंबुलेंस' तैनात किये हैं।

हाल में इन दोनों आधार शिविरों के दौरे पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा था कि इस साल विशेष ध्यान स्वच्छता पर है तथा बोर्ड का लक्ष्य 'स्वच्छ अमरनाथ यात्रा है।"

उन्होंने कहा था, "हमने इन मार्गों पर जगह जगह शौचालय की व्यवस्था की है। हम संपूर्ण स्वच्छता को लेकर बहुत गंभीर हैं। स्वच्छ भारत प्रधानमंत्री द्वारा घोषित महज नारा नहीं है बल्कि एक कटिबद्धता है।"

अधिकारी ने कहा कि बालटाल एवं पहलगाम मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है तथा नयी सुरक्षा चौकियां बनायी गयी हैं ताकि कोई तीर्थयात्रा को बाधित नहीं कर पाये।

बोर्ड ने यात्रा के इच्छुक लोगों से आधार कार्ड या अन्य बायोमीट्रिक सत्यापित दस्तावेज लेकर आने को कहा है। यह यात्रा 30 जून को शुरू होगी और इसका समापन रक्षाबंधन के दिन 11 अगस्त को होगा।


 


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Content Writer

Monika Jamwal

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