अकबरुद्दीन ओवैसी ने दिया विवादित बयान; टीआरएस, भाजपा ने की निंदा

2020-11-25T23:51:41.62

हैदराबादः एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि क्या हुसैन सागर झील के तट पर बनीं पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और तेदेपा के संस्थापक एनटी रामाराव की 'समाधियां' हटाई जाएंगी। उन्होंने जलाशय के करीब रह रहे ‘गरीब लोगों' को हटाने के अभियान पर सवाल उठाते हुए यह बात कही। 

सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और भाजपा ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी को अनुचित बताया और उनसे माफी मांगने के लिए कहा। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव के लिए प्रचार के तहत यहां एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए, एआईएमआईएम नेता ने पूछा कि क्या तालाब के पास एक गरीब आदमी के घर को ध्वस्त करने के लिए आने वाले नगर निगम अधिकारियों को दिवंगत नेताओं की समाधियों के साथ ऐसा करने का साहस होगा? 

उन्होंने दावा किया कि हुसैन सागर झील का किनारा 4,700 एकड़ में फैला था, जब इसे हुसैन शाह वली ने बनवाया था, लेकिन अब यह 700 एकड़ में भी नहीं रह गया है। उन्होंने कहा, ‘‘4,000 एकड़ जमीन कहां गई? नेकलेस रोड बनाया गया है, दुकानें बनाई गई हैं, नरसिम्हा राव, एन टी रामाराव (एनटीआर) की समाधियां हैं, लुम्बिनी पार्क है।'' 

अकबरुद्दीन का नाम लिए बगैर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद बी संजय कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूछा कि क्या उनमें नरसिम्हा राव और एनटीआर की समाधियों को ध्वस्त करने की हिम्मत है। टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने कहा कि नरसिम्हा राव और एनटीआर महान व्यक्ति थे जिन्होंने तेलुगू लोगों के सम्मान को बरकरार रखा और लोकतंत्र में इस तरह की ‘‘अनुचित टिप्पणियों'' के लिए कोई जगह नहीं है। नरसिम्हा राव के पोते, भाजपा नेता एन वी सुभाष ने अकबरुद्दीन की टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए। 


Pardeep

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