एयर इंडिया फ्लाइट रिकॉर्डर से खुलेगा राज, 5 मिनट का भीषण टर्बुलेंस क्यों था इतना खतरनाक?

punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 08:18 AM (IST)

नई दिल्ली: फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में आए महज 5 मिनट के भीषण टर्बुलेंस ने 17 लोगों को घायल कर दिया। घटना के बाद अब इस पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) की जांच करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर टर्बुलेंस इतना खतरनाक क्यों साबित हुआ।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को बताया कि फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ़्लाइट में लगभग 5 मिनट तक ज़बरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज़ झोंके) के कारण 17 लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता यह पता लगाने के लिए विमान के फ़्लाइट रिकॉर्डर की जांच कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ था।

अस्पताल में घायल क्रू सदस्यों से मिलने वाले मंत्री ने कहा, "यात्रियों ने बताया कि टर्बुलेंस लगभग चार से पाँच मिनट तक रहा। इसी दौरान उन्हें विमान के अंदर चोटें आईं और मुश्किलों का सामना करना पड़ा।" उन्होंने आगे कहा कि कुछ घायल क्रू सदस्यों को गर्दन और टेलबोन (रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से) के पास चोटें आई हैं, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें लगातार निगरानी में रखने की सलाह दी है।

उन्होंने कहा, "कुछ क्रू सदस्यों को टेलबोन और गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में चोटें आई हैं। वे डॉक्टरों की देखरेख में हैं और उन्हें डॉक्टरों की सलाह के अनुसार हर ज़रूरी मदद दी जा रही है।" एयरलाइन ने बताया है कि घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी 13 यात्रियों को अब छुट्टी दे दी गई है। चार केबिन क्रू सदस्यों का इलाज अभी भी चल रहा है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "5 अगस्त को दोपहर 3:30 बजे तक, 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2379 से जुड़ी घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी 13 यात्रियों को छुट्टी दे दी गई है। चार क्रू सदस्य अभी भी मेडिकल देखरेख में हैं और उनका इलाज चल रहा है।"

एयरलाइन ने कहा कि उसकी टीमें अस्पतालों में मौजूद हैं और प्रभावित लोगों व उनके परिवारों की मदद कर रही हैं। फुकेत से दिल्ली के लिए फ़्लाइट AI2379 उड़ा रहे एयरबस A320neo विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे, जब लैंडिंग से लगभग एक घंटे पहले उसे ज़बरदस्त टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। 

मंत्री के अनुसार, दिल्ली में विमान के उतरते ही मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई थीं। एयरपोर्ट पर प्राथमिक उपचार देने के बाद, जिन लोगों को आगे के इलाज की ज़रूरत थी, उन्हें मेदांता और फोर्टिस अस्पतालों में भेजा गया। नायडू ने चोट लगने के बावजूद यात्रियों की मदद जारी रखने के लिए केबिन क्रू की तारीफ़ भी की।

नायडू ने आगे कहा, "चार क्रू सदस्यों को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ मैं मंत्रालय और DGCA की टीमों के साथ उनसे मिलने गया था। उन 7 मिनटों के दौरान चोट लगने के बावजूद, क्रू ने विमान के सुरक्षित उतरने तक लगभग एक घंटे तक अपनी ड्यूटी जारी रखी। उन्होंने अद्भुत साहस दिखाया।" इस घटना की जांच चल रही है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर, दोनों की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि टर्बुलेंस (हवा के झटकों) की वजह क्या थी।

मंत्री ने कहा, "लैंडिंग के बाद विमान को एक अलग हैंगर में ले जाया गया। फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर अब DGCA के पास हैं। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।"


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News