अग्निवीर योजनाः जाति प्रमाण पत्र मांगने पर बवाल, सेना ने बताया आखिर क्यों मांगा जाता है सर्टिफिकेट

punjabkesari.in Tuesday, Jul 19, 2022 - 02:15 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारतीय सेना ने अग्निवीर योजना के तहत होने वाली भर्ती योजना में जाति प्रमाण पत्र और धर्म प्रमाण पत्र मांगने को लेकर छिड़े बवाल पर बयान जारी किया है। सेना के अधिकारियों ने कहा कि अग्निवीर योजना से पहले भी सेना में भर्ती पर उम्मीदवारों से जाति प्रमाण पत्र और धर्म प्रमाण पत्र मांगा जाता था। सेना ने कहा कि भर्ती को लेकर अग्निपथ योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारतीय सेना की तरफ से कहा गया कि प्रशिक्षण के दौरान मरने वाले रंगरूटों और सेवा में शहीद होने वाले सैनिकों के लिए धार्मिक अनुष्ठानों के अनुसार अंतिम संस्कार करने के लिए भी धर्म की जानकारी की आवश्यकता होती है। 

 

राजनाथ सिंह का विपक्ष को जवाब

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए उम्मीदवारों की जाति पूछे जाने के बारे में विपक्ष द्वारा उठाये जा रहे सवालों पर स्पष्ट किया है कि अब कोई नयी व्यवस्था नहीं की गयी है और यह व्यवस्था पहले से ही चली आ रही है।  राजनाथ सिंह ने संसद भवन परिसर में इस बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘यह पूरी तरह अफवाह है जो पहले थी वही व्यवस्था अब है। आजादी के पहले से यही व्यवस्था चली आ रही है, उसमें कहीं कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

 

विपक्ष ने उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और तेजस्वी यादव सहित तमाम विपक्षी सांसदों ने अग्निपथ योजना पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर हमलावर है। संजय सिंह ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आदेश को शेयर करते हुए लिखा था, ‘मोदी सरकार का घटिया चेहरा देश के सामने आ चुका है, क्या नरेंद्र मोदी पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को सेना में भर्ती होने के काबिल नहीं मानते, भारत के इतिहास में पहली बार सेना भर्ती में जाति पूछी जा रही है। मोदी आपको अग्निवीर बनाना है या जातिवीर।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Seema Sharma

Related News