चूहों के बाद अब कुत्तों ने भी अस्पताल में मचाया कहर, मरीजों के बेड पर सो रहे...
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 10:51 PM (IST)
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के गोंडा मेडिकल कॉलेज से जुड़े जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और चौंकाने वाला वीडियो सामने आ गया। इस बार अस्पताल के एक वार्ड में खाली पड़े बेड पर तीन कुत्तों के आराम से लेटे होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि उसी वार्ड में कई मरीज अपने-अपने बेड पर भर्ती भी नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बनाया गया है, जिसने अस्पताल की बदहाल स्थिति को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इससे पहले इसी अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप पर चूहों के दौड़ने का वीडियो वायरल हुआ था। लगातार दो वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो में झलकती अस्पताल की बदहाली
वायरल वीडियो में स्थानीय बोली में वीडियो बनाने वाला कहता सुनाई दे रहा है कि, “ई कुकुर बिलार हमारे जिला अस्पताल के माहौल है… पेशेंट लोग लेटा है और कुकुर बिलार बेड पर पड़े हैं।” वीडियो में अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ झलकती है। हालांकि, ‘आजतक’ इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।
सूत्रों के अनुसार, कुत्तों वाला यह वीडियो उसी दिन का है, जिस दिन ऑक्सीजन पाइप पर चूहों के दौड़ने का वीडियो सामने आया था। इन घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
जांच के बाद चार कर्मचारियों पर गिरी गाज
मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. धनंजय सिंह कोटास्थाने ने दोनों वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। जांच पूरी होने के बाद ऑर्थो वार्ड की स्टाफ नर्स इंचार्ज, दो ड्यूटी नर्स और एक वार्ड बॉय को सस्पेंड कर दिया गया है।
प्रिंसिपल ने बताया कि अस्पताल से जुड़ी एजेंसियों को भी सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने साफ कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
नगर पालिका पर भी उठे सवाल
डॉ. कोटास्थाने ने बताया कि अस्पताल परिसर में आवारा जानवरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके समाधान के लिए नगर पालिका को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि कुत्ते और अन्य जानवर अस्पताल परिसर में घूमते रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में है और इसके नवीनीकरण की सख्त जरूरत है।
15 दिन में नई बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे वार्ड
हालात को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने फैसला लिया है कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी ओपीडी और कुछ वार्डों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
