NASA की भविष्यवाणी- 9 साल बाद चांद पर होगी हलचल, धरती पर आएगी विनाशकारी बाढ़

punjabkesari.in Tuesday, Jul 13, 2021 - 02:47 PM (IST)

नेशनल डेस्क: जलवायु परिवर्तन के कारण धरती पर मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं चक्रवती तूफानों की संख्या बढ़ गई है तो कहीं ग्लेशियर पिघल रहे हैं। वहीं कहीं लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं तो कहीं बाढ़ से बुरे हाल है। इन सभी के बीच वैज्ञानिकों ने अब नया खुलासा किया है कि यह सब चांद के कारण हो रहा है। नासा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि साल 2030 में जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते समुद्र के जलस्तर के साथ चांद में हल्की लड़खड़ाहट आएगी, जिससे धरती पर विनाशकारी बाढ़ आएगी। हाई टाइड की वजह से आने वाली बाढ़ को न्यूसेंस फ्लड (Nuisance Floods) कहते हैं। ऐसे समय में समुद्र की लहरें अपनी औसत ऊंचाई से 2 फीट ज्यादा ऊंची उठती हैं। शहरों में पानी भरने लगता है, जिस तरह से मानसूनी बारिश में मुंबई का हाल होता है वैसे न्यूसेंस फ्लड के दौरान देश-दुनिया के शहरों का हाल होता है।

 

नेशनल ओशिएनिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक अमेरिका में हाई टाइड की वजह से साल 2019 में 600 बाढ़ आई थी लेकिन नासा की नई स्टडी के मुताबिक साल 2030 तक अमेरिका समेत दुनिया की कई जगहों पर न्यूसेंस फ्लड आएगा और इसकी संख्या काफी होगी। इतना ही नहीं यह बाढ़ लगातार बनी रहेगी। नासा की यह स्टडी नेचर क्लाइमेट चेंज में 21 जून को प्रकाशित हुई थी। नासा ने अपनी स्टडी में कहा कि 2030 में जब चाद में हलचल आएगी तो एत या दो बार नहीं बल्कि काफी बार न्यूसेंस फ्लड आएगा और काफी तबाही मचाएगा। स्टडी के मुताबिक तटीय इलाकों में यह बाढ़ हर महीने दो-तीन बार आएगी।

 

 यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के असिसटेंट प्रोफेसर फिल थॉम्पसन ने कहा कि अगर एक महीने में 10 या 15 बार बाढ़ आएगी तो जिंदगी थम जाएगी। लोगों का कामकाज रूक जाएगा या कई लोोगं से उनकी नौकरियां छिन जाएंगी। बार-बार बाढ़ आने से और सड़कों पर पानी जमा होने से मच्छरों से संबंधित बीमारियां बढ़ेगी। नासा की स्टडी के मुताबिक चांद समुद्री लहरों पर असर डालता रहा है। नासा ने कहा कि अभी तो चांद खिंचाव और दबाव संतुलन बनाए हुए है लेकिन अगर चांद ने थोड़ी-सी भी जगह बदली तो दुनिया बड़ी समस्या में आ जाएगी।


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Content Writer

Seema Sharma

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