ग्लेमर की दुनिया छोड़ भक्ति की राह पर पूनम पांडे: प्रेमानंद महाराज के सामने बच्चे की तरह फफक-फफक कर रोई
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 08:51 AM (IST)
नेशनल डेस्क: अपनी बोल्ड इमेज और सोशल मीडिया पर अक्सर विवादों में रहने वाली एक्ट्रेस पूनम पांडे इन दिनों एक बिल्कुल अलग अवतार में नजर आ रही हैं। होली के पावन अवसर पर कान्हा की नगरी वृंदावन पहुंचीं पूनम के व्यवहार और पहनावे में आए क्रांतिकारी बदलाव ने हर किसी को हैरान कर दिया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ, जिसमें वह प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के सामने किसी बच्चे की तरह फफक-फफक कर रोती हुई दिखाई दीं। इस मुलाकात के बाद जब पूनम वापस लौटीं, तो उनके चेहरे पर एक ऐसी शांति थी जो शायद ही पहले कभी देखी गई हो।
महाराज जी के दर्शन और आध्यात्मिक अनुभव
वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद पूनम ने प्रेमानंद महाराज के सत्संग में हिस्सा लिया। महाराज जी की बातें सुनकर पूनम इतनी भावुक हो गईं कि अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। एयरपोर्ट पर स्पॉट किए जाने के दौरान उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि महाराज जी से मिलना ऐसा था जैसे साक्षात ईश्वर के सामने बैठना। उन्होंने बताया कि वहां रोने के बाद उनका मन पूरी तरह हल्का हो गया है। बदलाव की बयार ऐसी चली कि पूनम ने खुद पैपराजी को गुलाल लगाया और उनसे 'राधे-राधे' जपने का आग्रह भी किया।
पहनावे और व्यवहार में दिखा बड़ा बदलाव
विवादों से नाता तोड़ अब पूनम सादगी को अपनाती दिख रही हैं। उनके वार्डरोब में अब छोटे कपड़ों की जगह सलवार-सूट ने ले ली है और माथे पर तिलक उनकी नई पहचान बन गया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने अपनी इस नई यात्रा को "शांति बाहर, शक्ति भीतर" (Peace outside, strength inside) का कैप्शन दिया है। उनके इस बदले हुए रूप को देखकर फैंस यह कयास लगा रहे हैं कि क्या उन्होंने हमेशा के लिए विवादों की दुनिया को अलविदा कह दिया है?
संघर्षपूर्ण अतीत और भक्ति का सहारा
पूनम का भक्ति की ओर यह झुकाव उनके जीवन के कठिन दौर का परिणाम माना जा रहा है। साल 2020 में सैम बॉम्बे से हुई उनकी शादी खुशियों के बजाय दुखों का सबब बनी। हनीमून के दौरान ही पति पर मारपीट और शोषण के गंभीर आरोप लगने के बाद उनका निजी जीवन काफी उथल-पुथल भरा रहा। साल 2021 में शारीरिक चोटों की शिकायतों और मानसिक तनाव के बाद उन्होंने पूरी तरह अलग होने का फैसला किया था। शायद इन्हीं गहरे जख्मों को भरने के लिए अब उन्होंने आध्यात्मिकता का दामन थामा है।
