29 साल की कीर्तना बनीं विजय सरकार की सबसे युवा मंत्री
punjabkesari.in Sunday, May 10, 2026 - 06:44 PM (IST)
नेशनल डेस्क : 29 साल की उम्र में एस. कीर्तना सी. जोसेफ विजय की पहली सरकार में सबसे कम उम्र की मंत्रियों में शामिल हो गई हैं। पहली बार विधायक बनीं कीर्तना पहले राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर काम करती थीं और अब TVK सरकार में अहम जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनका राजनीतिक सफर इस बात को दिखाता है कि TVK युवा और पढ़े-लिखे नेताओं को आगे लाना चाहती है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कीर्तना ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया। वह विरुधुनगर जिले की शिवकाशी सीट से जीतने वाली पहली महिला विधायक बनीं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अशोकन जी को 11,670 वोटों से हराया। इस सीट पर लंबे समय से पुरुष नेताओं का दबदबा रहा था।
शिवकाशी पूरे देश में पटाखा, माचिस और प्रिंटिंग उद्योग के लिए मशहूर है। लेकिन यहां लंबे समय से फैक्ट्री सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। चुनाव प्रचार के दौरान कीर्तना ने इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक इलाके में बेहतर इमरजेंसी सेवाओं और अस्पताल सुविधाओं की जरूरत है।
कीर्तना ने मजदूरों के लिए कई वादे किए। उन्होंने बीमा सुविधा, नियमित हेल्थ चेकअप, महिला कर्मचारियों को समान वेतन और खतरनाक रसायनों के संपर्क में आने वाले श्रमिकों के लिए बेहतर इलाज की बात कही। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई।
1996 में विरुधुनगर जिले में जन्मी कीर्तना ने तमिल माध्यम के सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने गणित में B.Sc. और फिर पुडुचेरी यूनिवर्सिटी से सांख्यिकी में M.Sc. की डिग्री हासिल की।
राजनीति में आने से पहले कीर्तना चुनावी रणनीति और राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। वह Showtime Consulting और IPAC जैसी संस्थाओं से जुड़ी रहीं। उन्होंने TDP, TMC और DMK जैसी पार्टियों के चुनाव अभियानों में भी काम किया। इस दौरान वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने, चुनाव योजना बनाने और डिजिटल प्रचार संभालने का अनुभव हासिल कर चुकी थीं।
TVK के शुरुआती दिनों में भी कीर्तना ने अहम भूमिका निभाई। खासकर युवाओं को जोड़ने और सोशल मीडिया के जरिए पार्टी का संदेश फैलाने में उनका बड़ा योगदान माना जाता है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें TVK ने युवा और शिक्षित चेहरे के रूप में आगे रखा था।
चुनाव जीतने के बाद कीर्तना उस समय चर्चा में आ गईं, जब उन्होंने लोगों से हिंदी में बात की। उन्होंने कहा कि उनका मकसद ज्यादा लोगों तक विजय का संदेश पहुंचाना और पार्टी की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है।
उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु में बहस शुरू हो गई, क्योंकि राज्य में हिंदी हमेशा से संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है। हिंदी थोपने के विरोध को द्रविड़ राजनीति का अहम हिस्सा माना जाता है।
अब कीर्तना ऐसे समय में मंत्री बनी हैं, जब विजय के नेतृत्व में TVK ने तमिलनाडु में नई राजनीतिक शुरुआत की है। करीब 70 साल बाद राज्य में ऐसी सरकार बनी है जो न DMK की है और न ही AIADMK की। अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को मौका देकर TVK नई सोच और जमीनी राजनीति का संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
