इस राज्य में बुजुर्गों की देखभाल नहीं करने पर कटेगा सैलरी का 10%, सरकार ने दिया आदेश
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 01:44 PM (IST)
नेशनल डेस्कः तेलंगाना सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि जो कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करेंगे या उन्हें तंग करेंगे, उनकी सैलरी का 10 प्रतिशत हिस्सा काटकर सीधे उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रदेश में दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और ट्रांसजेंडर्स के सशक्तिकरण के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है।
सैलरी का 10 प्रतिशत बुजुर्गों के खाते में जाएगा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस आदेश की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम बुजुर्गों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। यदि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ उनके माता-पिता द्वारा शिकायत की जाती है कि वे उनकी देखभाल नहीं कर रहे हैं या उन्हें तंग कर रहे हैं, तो संबंधित कर्मचारी की सैलरी का 10 प्रतिशत हिस्सा काटकर सीधे उनके बुजुर्ग मां-बाप के खाते में भेजा जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह फैसला बुजुर्ग माता-पिता के भविष्य की देखभाल को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।
'प्रणाम' डे-केयर सेंटर
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए 'प्रणाम' नामक डे-केयर सेंटर स्थापित करने का भी ऐलान किया। इसके तहत प्रदेश भर में ऐसे सेंटर खोले जाएंगे, जहां बुजुर्गों को विशेष देखभाल मिलेगी।इसके अतिरिक्त, सरकार ने दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर्स के सशक्तिकरण के लिए भी कई कदम उठाने का फैसला किया है। आगामी नगर निगम चुनावों में हर नगर निगम में एक ट्रांसजेंडर को-ऑप्शन सदस्य का पद आरक्षित किया जाएगा।
दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर्स के लिए अन्य योजनाएं
सरकार ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है और दिव्यांग जोड़ों की शादी पर 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी फैसला किया है। इसके अलावा, 2026-27 के बजट में एक नई हेल्थकेयर पॉलिसी लाई जाएगी, जो प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की जाएगी।
