जब NEET-PG में 800 में सिर्फ 1 अंक, फिर भी दे दी थी MS Orthopaedics की सीट?
punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 07:13 PM (IST)
नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। विरोध ने इतना तूल पकड़ा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से तीन दिन पहले ही सवाल लीक हो गए थे और उन्हें WhatsApp, Telegram और ऑफलाइन क्लासों के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के मुताबिक इस पूरे मामले में NTA से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटर संचालक, बिचौलिए और कई अन्य लोग शामिल थे।
1 नंबर वाले कैंडिडेट को भी दे दी थी MS ऑर्थोपेडिक्स में दाखिला
वहीं इससे पहले फरवरी 2026 में भी एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था। जब तेलंगाना के स्टेट कोटा काउंसलिंग के तहत, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) में 800 में से सिर्फ़ एक नंबर पाने वाले एक कैंडिडेट को हैदराबाद के कामिनेनी एकेडमी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज में MS ऑर्थोपेडिक्स में एडमिशन मिला था।
🚨 A candidate who scored just 1 out of 800 marks in NEET-PG has secured admission to MS Orthopaedics at Kamineni Academy of Medical Sciences, Hyderabad. pic.twitter.com/tfINZuCY1j
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) August 7, 2026
यह एडमिशन, एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए कॉम्पिटेंट अथॉरिटी कोटा के 'मॉप-अप' राउंड का हिस्सा था। मेडिकल प्रोफेशनल्स इसे पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन के स्टैंडर्ड्स में अभूतपूर्व गिरावट मान रहे थे।
कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज के 9 फरवरी 2026 के डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि तेलंगाना में एक से 99 नंबर पाने वाले 20 कैंडिडेट्स को पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें अलॉट की गई हैं। इनमें से कम से कम 12 एडमिशन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुए, जिनमें राज्य के प्रमुख संस्थान भी शामिल थे।
कम स्कोर पर सर्जरी और क्लिनिकल कोर्स में एडमिशन
काउंसलिंग डेटा से पता चला कि मेडिकल स्पेशलिटीज़ के अलग-अलग कोर्स में एडमिशन हुए थे। इस निचले स्तर (बॉटम टियर) में चार कैंडिडेट्स को MS ऑर्थोपेडिक्स की सीटें मिलीं, जिनके नंबर 1, 60 और 91 थे। MS जनरल सर्जरी की सीटें 93 और 99 मार्क्स वाले कैंडिडेट्स को अलॉट की गईं। MS ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी की सीटें 91 और 94 मार्क्स वाले कैंडिडेट्स को मिलीं थी।
पेपर लीक के खिलाफ नया सख्त कानून
वहीं अब देश में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026 के तहत कड़े प्रावधान किए गए हैं। दोषी पाए जाने पर 3 से 5 वर्ष तक के कारावास और ₹10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ सकता है।
पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026 के तहत कड़े प्रावधान किए गए हैं।
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) August 8, 2026
दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान है।… pic.twitter.com/QGWASBJcXN
