खाड़ी देशों में पिछले 3 सालों में 1,340 भारतीयों ने दी जान, संसद में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, UAE से सबसे ज्यादा मामले

punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 03:49 PM (IST)

नेशनल डेस्क : विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में खाड़ी देशों में 1,340 भारतीय नागरिकों ने आत्महत्या की है। मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2023 से 2025 के बीच विदेशों में आत्महत्या करने वाले भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 1,900 से अधिक रही, जिनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा मामले खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में दर्ज किए गए। ये आंकड़े विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और जय प्रकाश द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में साझा किए।

UAE में सबसे अधिक आत्महत्या के मामले
विदेश मंत्रालय के अनुसार, खाड़ी देशों में आत्महत्या के मामलों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सबसे ऊपर रहा, जहां 511 भारतीय नागरिकों ने आत्महत्या की। इसके बाद:
सऊदी अरब - 354 मामले
कुवैत - 162 मामले
ओमान - 146 मामले
बहरीन - 101 मामले
कतर - 66 मामले

GCC देशों के बाद मलेशिया में 131 और अमेरिका में 62 भारतीय नागरिकों द्वारा आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए। वहीं, इटली, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम में भी इस अवधि के दौरान प्रत्येक देश में 30 से अधिक मामले सामने आए।

खाड़ी देशों में रहते हैं करीब एक करोड़ भारतीय
सरकार के अनुसार, वर्तमान में खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों द्वारा आत्महत्या के मामलों की संख्या में औसतन वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले वर्ष 2022 में मंत्रालय ने 2014 से 2022 के बीच विदेशों में 4,005 भारतीयों द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी दी थी।

सरकार ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के लिए उठाए कदम
हालांकि सरकार ने आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे कोई विशेष कारण नहीं बताया, लेकिन विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत सरकार विदेशों में भारतीय कामगारों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY), 'उत्प्रवास जांच आवश्यक' (ECR) श्रेणी के उन सभी कामगारों के लिए अनिवार्य है, जो ECR देशों में काम करने जाते हैं।

इस योजना के तहत ₹275 के प्रीमियम पर दो वर्ष का बीमा, ₹375 के प्रीमियम पर तीन वर्ष का बीमा, दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में ₹10 लाख तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा अन्य लाभ भी मिलते हैं।

39 हजार से अधिक भारतीयों की विदेशों में हुई मौत
विदेश मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों में भारतीय नागरिकों की मौत के विभिन्न कारणों- जैसे प्राकृतिक कारण, कार्यस्थल पर दुर्घटना, आत्महत्या, अपराध और अन्य कारण का भी उल्लेख किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं के मामलों में भी GCC देशों में मौतों की संख्या अधिक रही। इनमें सऊदी अरब में 182 मौतें और UAE में 128 मौतें दर्ज की गई हैं। मंत्रालय के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में विदेशों में 39,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की विभिन्न कारणों से मृत्यु हुई है।


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Content Editor

Purnima Singh

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