होर्मुज में UAE के तेल टैंकरों पर ईरान का हमला, एक भारतीय नाविक की मौ'त, 8 अन्य घायल
punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 05:49 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब हिंसक मोड़ ले चुका है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में ईरानी क्रूज मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए।
हमले का विवरण और हताहतों की स्थिति
हमले का शिकार हुए जहाजों के नाम 'मोम्बासा' (Mombasa) और 'बाहिया' (Bahia) हैं। मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मोम्बासा जहाज पर सवार एक भारतीय नागरिक की इस हमले में जान चली गई। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से चार की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हमले के कारण दोनों जहाजों पर भीषण आग लग गई और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया।
यूएई की कड़ी प्रतिक्रिया
संयुक्त अरब अमीरात ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है। यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने क्षेत्र, नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और इस उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रखता है। फिलहाल देश को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
ईरान का दावा
दूसरी ओर, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने दावा किया है कि ईरानी बलों ने जलडमरूमध्य में कई "उल्लंघन करने वाले" जहाजों को निशाना बनाया है। ईरानी राज्य प्रसारक IRIB ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा कि उनकी नौसेना ने "अमेरिकी दुश्मन के शत्रुतापूर्ण जहाज" पर क्रूज मिसाइलें दागी थीं।
तनाव के पीछे के मुख्य कारण
यह ताजा हमला अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सिलसिलेवार हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर बढ़ते संघर्ष का परिणाम है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने सोमवार को ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए थे, जिसका उद्देश्य नागरिक जहाजों को निशाना बनाने की तेहरान की क्षमता को कम करना था। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर फिर से नाकाबंदी (Blockade) लगाने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने के बदले में अमेरिका इस रास्ते से गुजरने वाले पात्र माल पर 20 प्रतिशत शुल्क वसूल करेगा।
अमेरिकी सेना के अनुसार, यह नाकाबंदी मंगलवार से प्रभावी हो गई है, जो ईरानी बंदरगाहों तक जाने और वहां से आने वाले जहाजों पर लागू होगी। इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग में एक बड़े युद्ध के खतरे को बढ़ा दिया है।
