न्यूयॉर्क में नया युग शुरू: जोहरान ममदानी ने पुराने सबवे स्टेशन में ली शपथ, हाथों में रखी कुरान
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 02:40 PM (IST)
New York: नए साल की शुरुआत के कुछ ही क्षणों बाद यहां एक पुराने सबवे स्टेशन में आयोजित एक निजी समारोह में जोहरान ममदानी ने औपचारिक रूप से न्यूयॉर्क शहर के 112वें मेयर के रूप में शपथ ली। क्वीन्स राज्य के जनप्रतिनिधि रहे भारतवंशी 34 वर्षीय जोहरान ममदानी अब अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर बनने वाले दक्षिण एशियाई मूल के और मुस्लिम समुदाय से पहले व्यक्ति बन गए हैं। ममदानी ने पुराने सिटी हॉल सबवे स्टेशन में एक निजी समारोह में शपथ ली, जिसमें केवल उनके परिवार और करीबी सलाहकार उपस्थित थे। यह समारोह नए साल के स्वागत के समय मध्यरात्रि के आसपास आयोजित किया गया। उन्हें न्यूयॉर्क के 112वें मेयर और दूसरे सबसे युवा मेयर के रूप में कुरान पर हाथ रखकर शपथ दिलाई गई।
HISTORIC 🇮🇳🗽
— Waseem ವಸೀಮ್ وسیم (@WazBLR) January 1, 2026
Zohran Mamdani has just sworn on the Qur'an and has officially become New York's 1st ever mayor of Muslim and Indian origin 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 pic.twitter.com/GbLCb49mbN
राज्य की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने उन्हें शपथ दिलाई। यह समारोह सिटी हॉल पार्क के नीचे एक भव्य, परित्यक्त पुराने सबवे स्टेशन में आयोजित हुआ, जिसमें उनकी पत्नी एवं कलाकार रमा दुवाजी उनके साथ मौजूद थीं। इसके कुछ घंटे बाद बृहस्पतिवार दोपहर को सिटी हॉल के बाहर, न्यूयॉर्क सिटी सरकार के मुख्यालय में ममदानी का औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स नए मेयर को शपथ दिलाएंगे। भारतीय मूल के ममदानी प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उनका जन्म और पालन-पोषण युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ और वह सात साल की उम्र में अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क शहर आ गए।
ममदानी 2018 में अमेरिकी नागरिक बने। ममदानी ने पहले कहा था कि उनका शपथ ग्रहण ‘‘न्यूयॉर्क के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें कामकाजी न्यूयॉर्कवासियों को केंद्र में रखा जाएगा।'' अपने ऐतिहासिक शपथ ग्रहण स्थल के रूप में पुराने सबवे स्टेशन को चुनने पर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स' ने ममदानी के हवाले से लिखा कि जब ‘ओल्ड सिटी हॉल स्टेशन' पहली बार 1904 में खुला था तब यह न्यूयॉर्क के 28 मूल सबवे स्टेशनों में से एक था। उस वक्त यह ‘‘एक ऐसे शहर का भौतिक प्रतीक था, जिसने खूबसूरती के साथ साथ ऐसी महान परियोजनाएं खड़ी कीं, जिन्होंने कामकाजी लोगों के जीवन को बदल दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वाकांक्षा केवल हमारे अतीत की यादों तक नहीं सिमटना चाहिए, न ही यह केवल सिटी हॉल के नीचे की सुरंगों तक सीमित रहना चाहिए।

यही उद्देश्य उनके प्रशासन का होगा, जिसे सबवे के ऊपर स्थित इमारत से न्यूयॉर्कवासियों की सेवा करने का सौभाग्य मिलेगा।'' इस बीच, न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी ने बुधवार को घोषणा की कि ममदानी नए साल की पूर्व संध्या पर मध्यरात्रि को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेने के लिए ‘शॉम्बर्ग सेंटर फॉर रिसर्च इन ब्लैक कल्चर' के संग्रह से एक कुरान का उपयोग करेंगे। न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी के अध्यक्ष और सीईओ एंथनी डब्ल्यू. मार्क्स ने कहा, ‘‘यह हमारे शहर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण है और हमें इस बात का गहरा सम्मान है कि नवनिर्वाचित मेयर ममदानी ने शपथ ग्रहण के लिए लाइब्रेरी की कुरानों में से एक को चुना है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष कुरान, जिसे आर्तुरो शॉम्बर्ग ने सभी न्यूयॉर्कवासियों के ज्ञान और आत्मिक संतोष के लिए संरक्षित किया था।
यह समावेशन, प्रतिनिधित्व और नागरिक चेतना की एक व्यापक कहानी का प्रतीक है।'' न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी (एनवाईपीएल) ने आगामी प्रशासन द्वारा कुरान के चयन को अत्यंत प्रतीकात्मक बताया। ममदानी ने नवंबर में हुए चुनाव में निर्णायक और ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा और वरिष्ठ नेता एवं न्यूयॉर्क राज्य के पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूमो को हराया था, जो एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे और जिन्हें चुनाव की पूर्व संध्या पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला था। अपने जोशीले विजय भाषण में ममदानी ने आव्रजन के मुद्दे पर ट्रंप को चुनौती दी थी और कहा था कि उनकी जीत अत्याचार और ‘‘धनबल'' के प्रयोग पर ‘‘आशा'' की विजय का प्रतीक है।
