मचाडो का शांति पुरस्कार लेकर फूले नहीं समा रहे ट्रंप, बोले- यह ''मेरे लिए सम्मान की बात'', नोबेल इंस्टीट्यूट ने बताई सच्चाई
punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 05:53 PM (IST)
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर यह दावा सामने आया है कि वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें “समर्पित” कर दिया है। इस दावे के बाद ट्रंप ने खुशी जताते हुए इसे अपने लिए सम्मान बताया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मचाडो “एक साहसी और अद्भुत महिला” हैं और उनका यह कदम आपसी सम्मान का प्रतीक है। व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि मचाडो ने उनके कार्यों से प्रभावित होकर यह सम्मान दिया है। रॉयटर्स के हवाले से एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप इस सम्मान को अपने पास रखना चाहते हैं।
हालांकि, नोबेल इंस्टीट्यूट ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि नोबेल पुरस्कार किसी और को दिया या स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। संस्थान के अनुसार, यह पुरस्कार व्यक्तिगत होता है और केवल उसी व्यक्ति के नाम से मान्य रहता है जिसे यह प्रदान किया गया हो। ऐसे में मचाडो द्वारा नोबेल “देने” का दावा केवल प्रतीकात्मक माना जा सकता है।
नोबेल इंस्टीट्यूट ने यह भी कहा कि मचाडो वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सरकार के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष का चेहरा रही हैं, लेकिन इस घटनाक्रम में उनके संघर्ष को पीछे छोड़कर पूरा फोकस ट्रंप पर चला गया, जो असामान्य है। इस तरह, ट्रंप को लेकर नोबेल मिलने की खबर ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है जहां एक ओर इसे प्रतीकात्मक सम्मान बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमों के तहत इसे असंभव करार दिया गया है।
