रिसर्च में दावा:  सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक होती है E-Cigarette, दिमागी संतुलन और जान दोनों पर खतरा !

punjabkesari.in Wednesday, Feb 26, 2025 - 05:08 PM (IST)

International Desk: एक नई स्टडी में पाया गया है कि E-cigarette(वैपिंग)  सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। वैज्ञानिकों ने इसे  डिमेंशिया (भूलने की बीमारी), हृदय रोग (हार्ट डिजीज) और अंगों के फेल होने (ऑर्गन फेलियर) से जोड़ा है।  

 

 क्या कहती है स्टडी?   
 मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी  के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. मैक्सिम बॉइडिन ने बताया कि सिगरेट की तुलना में वैपिंग अधिक नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि लोग इसे बिना रुके लगातार इस्तेमाल कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक,  8% वयस्क वैपिंग यूजर्स  ऐसे हैं जिन्होंने कभी सिगरेट तक नहीं पी थी, लेकिन अब वे निकोटीन के आदी हो चुके हैं।  
 

वैपिंग से बढ़ता है बीमारी का खतरा 
 27 साल के युवाओं पर किए गए टेस्ट में पाया गया  कि वैपिंग करने वालों और सिगरेट पीने वालों में  आर्टरी डाइलेशन (धमनियों के फैलने की प्रक्रिया) में कमी  देखी गई। इसका मतलब है कि दिल की बीमारियों का खतरा  दोनों के लिए एक जैसा है। विशेषज्ञों का कहना है कि निकोटीन हार्ट रेट बढ़ा सकता है, रक्त धमनियों को संकुचित कर सकता है और यह  फेफड़ों की समस्याएं, दांतों की सड़न और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।  
 

 

अमेरिकी स्टडी में बड़ा खुलासा   
 अमेरिका में 1.75 लाख (175,000) लोगों पर हुई एक स्टडी  में पाया गया कि वैपिंग करने वालों में खतरनाक बीमारियों का खतरा  20% ज्यादा होता है।   यह स्टडी साफ तौर पर दिखाती है कि वैपिंग केवल एक सुरक्षित विकल्प नहीं है, बल्कि यह सिगरेट जितना ही  खतरनाक या उससे भी ज्यादा घातक  हो सकता है। निकोटीन की अधिक मात्रा से  दिल, दिमाग और फेफड़ों  पर गंभीर असर पड़ सकता है।  


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Content Writer

Tanuja

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