दुनिया में थू-थू के बाद अमेरिका की सफाईः वेनेजुएला पर कोई आक्रमण नहीं किया, मादुरो की गिरफ्तारी तो...
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 06:45 PM (IST)
International Desk: वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर उठे अंतर्राष्ट्रीय विवाद के बीच ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई युद्ध या सैन्य आक्रमण नहीं, बल्कि कानून-प्रवर्तन (Law Enforcement) की सीमित कार्रवाई थी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला से नहीं, बल्कि ड्रग तस्करी संगठनों से लड़ रहा है। एनबीसी के कार्यक्रम Meet the Press में रुबियो ने कहा, “कोई युद्ध नहीं है। अमेरिका वेनेजुएला से युद्ध में नहीं, बल्कि ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई में है।”
US says Maduro arrest was 'law enforcement action', not war
— Gulf News (@gulf_news) January 5, 2026
Trump argues the arrest of Maduro was a narrowly targeted law-enforcement actionhttps://t.co/3yry5gPp8y
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून के तहत एक अभियुक्त नार्को-तस्कर की गिरफ्तारी के लिए किया गया और इसे किसी भी तरह से आक्रमण या सैन्य कब्जा नहीं कहा जा सकता। रुबियो ने एबीसी के This Week कार्यक्रम में बताया कि अमेरिकी बल केवल थोड़े समय के लिए जमीन पर थे, उन्होंने गिरफ्तारी को अंजाम दिया और फिर वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि इस मिशन के लिए अदालत के वारंट और प्रतिबंध कानूनों का इस्तेमाल किया गया, न कि कांग्रेस से किसी युद्ध अनुमति का। सीबीएस के Face the Nation पर रुबियो ने कहा कि अब अमेरिका का फोकस दीर्घकालिक दबाव पर है। इसके तहत प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाएगा और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व्यापार पर “तेल क्वारंटीन” लगाया जा रहा है। अदालतों के आदेश के जरिए प्रतिबंधित तेल शिपमेंट को जब्त किया जा रहा है।
रुबियो ने यह भी साफ किया कि अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन नहीं चला रहा। “हम देश नहीं चला रहे, हम अपनी नीति चला रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ड्रग तस्करी रोकना, गैंग्स को खत्म करना और विदेशी चरमपंथी संगठनों की मौजूदगी समाप्त करना है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा बताया। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा,“यह हमारा क्षेत्र है। हम इसे अपने विरोधियों का ऑपरेशन बेस नहीं बनने देंगे।”वॉल्ट्ज ने मादुरो के चीन, रूस, ईरान और हिज़्बुल्ला से कथित संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम जरूरी था।अमेरिका ने फिलहाल वेनेजुएला में स्थायी अमेरिकी सेना की मौजूदगी से इनकार किया है। साथ ही राजनीतिक बदलाव और चुनावों को लेकर रुबियो ने कहा कि यह प्रक्रिया समय लेती है और अमेरिका वादों नहीं, कार्रवाइयों के आधार पर आगे के कदम तय करेगा।
