वेनेजुएला की कमान अमेरिका के हाथ ! ट्रंप बोले-इसके तेल का सारा धन हमारा होगा, बताया 3 Phase प्लान
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 04:52 PM (IST)
International Desk:वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की भूमिका पर सनसनीखेज दावे सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था और फिलहाल उनके खिलाफ अमेरिका में मुकदमा चल रहा है। इसी के साथ अमेरिका ने वेनेजुएला सरकार की कमान पर भी अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण स्थापित कर लिया है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, वेनेजुएला के कच्चे तेल के उत्पादन और उसकी मार्केटिंग पर अब अमेरिकी नियंत्रण है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बुधवार को कहा कि वेनेजुएला के तेल की मार्केटिंग शुरू कर दी गई है और इससे मिलने वाली रकम दुनिया भर के बैंकों में मौजूद अमेरिकी खातों में रखी जाएगी।
Energy Secretary Chris Wright says U.S. will control Venezuelan oil flow ‘indefinitely’https://t.co/IqB7u6dxG4 pic.twitter.com/JBOB5jCaU6
— The Washington Times (@WashTimes) January 8, 2026
ट्रंप प्रशासन के ऊर्जा विभाग का कहना है कि यह धन अमेरिकी और वेनेजुएला के लोगों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन इसे कैसे और कहां खर्च करना है, इसका फैसला अमेरिकी सरकार करेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह तय नहीं है कि वेनेजुएला के तेल पर यह नियंत्रण कब तक बना रहेगा, जिससे संकेत मिलते हैं कि अमेरिका लंबे समय तक कब्जा बनाए रखने की तैयारी में है। अनुमान है कि अमेरिका को वेनेजुएला से 30 से 50 मिलियन बैरल तेल हासिल हो सकता है। इसके साथ ही एक और शर्त सामने आई है कि वेनेजुएला को अपनी जरूरत का सामान भी अमेरिका से ही खरीदना होगा।
चीन और भारत जैसे देशों के साथ चल रहे टैरिफ वॉर के बीच अमेरिका को अपने उत्पाद बेचने के लिए वेनेजुएला के रूप में एक नया बाजार मिलता दिख रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेनेजुएला को लेकर तीन चरणों वाली नीति का खुलासा किया है। रुबियो के अनुसार, पहले चरण में तेल से होने वाली आय को इस तरह इस्तेमाल किया जाएगा कि भ्रष्टाचार के जरिए कोई उसे हड़प न सके। दूसरे चरण में जेलों में बंद विपक्षी नेताओं को रिहा किया जाएगा और देश के बाजार पर भी अमेरिकी नियंत्रण होगा। तीसरे चरण में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यूरेशिया ग्रुप के विश्लेषक ग्रेगोरी ब्रू का कहना है कि यह एक असामान्य स्थिति होगी, जहां तेल उत्पादक देश का अपने ही क्रूड पर नियंत्रण नहीं रहेगा, जबकि उत्पादन के बाद पूरा मुनाफा अमेरिका के पास जाएगा।
