ट्रंप सरकार का विवादित विज्ञापनः ‘मिस्टर सिंह’ खुद अमेरिका छोड़ दो वर्ना भुगतो अंजाम, सिख संगठनों का फूटा गुस्सा
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 03:18 PM (IST)
Washington: अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के उस विज्ञापन पर विवाद बढ़ गया है जिसमें 'मिस्टर सिंह' को खुद देश छोड़ते दिखाया गया है। अधिकार समूहों ने इस विज्ञापन को ''नस्लवादी'' और ''अमेरिका-विरोधी'' करार दिया है। गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाले वाणिज्यिक चालकों के खिलाफ अपने अभियान के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल किया जिसमें भूरी दाढ़ी वाले एक व्यक्ति को दिखाते हुए संदेश लिखा गया है-''हमारी सड़कों से दफा हो जाओ, 'मिस्टर सिंह' आपको वाहन चलाना नहीं आता।'' 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक अन्य वीडियो में 'ट्रांसफॉर्मर्स' (जानी मानी अमेरिकन-जापानी फिल्म) के मुख्य खलनायक किरदार 'मेगाट्रॉन' को 'एलियंस' की रिहाई के लिए बातचीत करते दिखाया गया है।
US Department of Homeland Security ad tells ‘Mr Singh’ to self-deport, draws criticism from advocacy groups https://t.co/ph2uLBX9gg
— The Telegraph (@ttindia) September 10, 2026
अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए "एलियंस" शब्द का इस्तेमाल करता है। वीडियो में 'मेगाट्रॉन' सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों में शामिल ट्रक चालकों हरजिंदर सिंह, राजविंदर कुमार, बेकझान बेशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह की रिहाई की मांग करता नजर आ रहा है। गृह सुरक्षा विभाग ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अगर आप इस देश में शत्रुतापूर्ण इरादे से कदम रखते हैं, तो यह जान लें कि हम अपनी रक्षा करेंगे। हम अमेरिकी मूल्यों की रक्षा करेंगे। हम अपने देश की रक्षा करेंगे।" एक अन्य पोस्ट में 'ट्रांसफॉर्मर्स' के मुख्य नायक 'ऑप्टिमस प्राइम' को गृह सुरक्षा विभाग का पहचान-चिह्न बाजू पर पहने हुए दिखाया गया है। वह भूरे रंग की दाढ़ी वाले व्यक्ति से कहता है- 'खुद देश छोड़कर चले जाओ, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।' विज्ञापन में 'मिस्टर सिंह' के संदर्भ की 'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' (एचएएफ) और 'सिख कोएलिशन' सहित प्रमुख अधिकार समूहों ने कड़ी आलोचना की है।
एचएएफ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सिंह हिंदू हैं, वे सिख हैं, वे अमेरिकी हैं और वे गाड़ी चलाते हैं। गृह सुरक्षा विभाग की ओर से की जा रही नस्लीय और भारतीय-विरोधी पहचान के आधार पर निशाना बनाने और उपहास की इस कोशिश के खिलाफ देश को एक साथ खड़े होना चाहिए और आवाज उठानी चाहिए।'' एचएएफ ने सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के. ढिल्लों और एफबीआई निदेशक काश पटेल को सलंग्न करते हुए कहा, ''यह एक संघीय एजेंसी की ओर से की गई भेदभावपूर्ण पोस्ट है, जो महज राजनीतिक संदेशबाजी से कहीं आगे की बात है। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच की जाए।'' 'सिख कोएलिशन' ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''9/11 के 25 साल बाद भी, सिखों को उनके पहनावे और रूप-रंग के कारण निशाना बनाया जा रहा है।''
सिख संगठन ने कहा, ''अमेरिका में रहने वाले लाखों सिखों का उपनाम 'सिंह' है, जिसका अर्थ शेर होता है। हम सिख के रूप में अपनी पहचान जाहिर करने से नहीं डरते-भले ही हमारी अपनी सरकार हमें दुश्मन के रूप में पेश करे।'' यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब गृह सुरक्षा विभाग अपने 'सीबीपी होम' कार्यक्रम के प्रचार अभियान में जुटा है। इस कार्यक्रम के तहत वे प्रवासी स्वेच्छा से अमेरिका से जाने के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं। गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक, स्वेच्छा से देश छोड़ने के लिए पंजीकरण कराने वाले लोगों को यात्रा की व्यवस्था में सहायता के साथ 2,600 अमेरिकी डॉलर की प्रोत्साहन राशि भी दी जा सकती है।
