पाक की खुफिया एजेंसी ISI का अमेरिका की सरकारी वेबसाइट से लिंक, अलर्ट जारी

2020-12-08T14:49:11.317

इंटरनेशनल डेस्कः भारत व अन्य पड़ोसी देशों में अपना जाल  बिछा रही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने अमेरिका को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ISI  का लाहौर की एक ऐसी कंपनी से लिंक सामने आया  है जो अमेरिकी राज्य नेवादा में सरकारी वेबसाइट को सेवाएं दे रही है। यह लिंक उजागर होने के बाद अमेरिका की संघीय एजेंसी और नेवादा सरकार को एक एंटी-वोटर ग्रुप द्वारा अलर्ट पर रखा है।

 

5 दिसंबर को ब्रेइटबार्ट न्यूज में ‘एंटी-वोटर फ्रॉड समूह के संदिग्ध लिंक के बीच नेवादा स्टेट वेबसाइट और इंटेलिजेंस-लिंक्ड पाकिस्तानी कंपनी’ शीर्षक से एक लेख छपा है। क्रिस्टीना वॉन्ग के लेख के मुताबिक, ट्रू दि वोट संगठन ने नेवादा राज्य वोटर रजिस्ट्रेशन सूची से कुछ जानकारी मांगी थी। यह जानकारी उसे एक ईमेल के रूप में मिली जिसके बाद राज्य और संघीय प्राधिकरण को अलर्ट किया गया। संगठन ने ईमेल के साथ मतदाता फाइल डाउनलोड की।

 

ट्रू दि वोट के अध्यक्ष जॉन सी. डिमर्स ने बताया कि इस ईमेल की एक प्रति पाकिस्तानी कंपनी कैवटेक कार्बन के एक कर्मचारी के पास भी पहुंची जिसे देखकर वे हैरान रह गए। यह प्रति वकास बट के नाम पर गई जो लाहौर में कैवटेक सोल्यूशन लिमि. का सीईओ हैं। इस कंपनी का संबंध पाकिस्तानी खुफिया सेवा आईएसआई से पाया गया है जिससे चिंता पैदा हुई।


घटना से परिचित चुनाव शोधकर्ताओं का मानना है कि सीसी लाइन में एक अन्य ईमेल पते का होना सरकारी वेबसाइट के मंत्री के अंतर्गत काम करने वाले किसी ठेकेदार का हो सकता है। लेकिन इसके पाकिस्तानी होने और उसकी कंपनी के ISI से रिश्ते होने के कारण नेवादा की सरकारी वेबसाइट से जुड़ी सूचनाएं परोक्ष रूप से किसी तीसरे देश या हैकरों तक भी पहुंच बना सकती है। इसे लेकर चिंता जताई गई।

 


Content Writer

Tanuja

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