अमेरिका ने वेनेजुएला के प्रमुख एयर बेस को बनाया पहला निशाना, एक ही वार में ड्रोन-फाइटर जेट और कमांड सेंटर किए तबाह (Video)
punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 02:51 PM (IST)
Washington:अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ की गई हालिया सैन्य कार्रवाई में सबसे पहले माराकाय स्थित ‘एल लिबर्टाडोर एयर बेस’ को निशाना बनाए जाने को लेकर अब इसके पीछे की रणनीतिक वजहें सामने आ रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों और रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यह एयर बेस वेनेजुएला की सैन्य हवाई क्षमता का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। एल लिबर्टाडोर एयर बेस वेनेजुएला की बोलिवेरियन मिलिट्री एविएशन का मुख्यालय है। यहीं से देश के लड़ाकू विमानों, ड्रोन यूनिट्स और बड़े सैन्य अभियानों का संचालन होता है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस बेस पर ईरान निर्मित मोहाजेर-6 ड्रोन सहित उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म तैनात हैं, जो निगरानी और हमले दोनों में सक्षम हैं।
🚨🇻🇪🇺🇸 U.S. HELICOPTERS POUND VENEZUELA'S MILITARY HQ IN CARACAS
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 3, 2026
U.S. helicopters are now actively striking the Fuerte Tiuna military complex in Caracas.
The site, which houses Venezuela’s Ministry of Defense, is under sustained aerial assault.
Explosions, fire, and ongoing… https://t.co/5nWGiMq7R3 pic.twitter.com/E6YmizbtSA
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े सैन्य ऑपरेशन में सबसे पहली प्राथमिकता दुश्मन की हवाई क्षमता को निष्क्रिय करना होती है। एल लिबर्टाडोर एयर बेस पर शुरुआती हमला इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि वेनेजुएला जवाबी हवाई कार्रवाई न कर सके और उसका कमांड-सिस्टम बाधित हो जाए।इस बेस को नुकसान पहुंचने से लड़ाकू विमानों की तैनाती, ड्रोन ऑपरेशन्स सैन्य निगरानी और समन्वय पर सीधा और व्यापक असर पड़ता है।यह एयर बेस सिर्फ उड़ानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सैन्य प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना निर्माण और कमांड-कंट्रोल सिस्टम का भी प्रमुख केंद्र है। विश्लेषकों के अनुसार, इस ठिकाने के कमजोर होने से वेनेजुएला की पूरी रक्षा संरचना पर असर पड़ सकता है।
एल लिबर्टाडोर एयर बेस का वेनेजुएला के राजनीतिक इतिहास में भी विशेष स्थान है। वर्ष 1992 के असफल तख्तापलट प्रयासों में इस बेस की भूमिका रही थी, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ भी शामिल थे। इसी कारण यह ठिकाना रणनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी संवेदनशील माना जाता है।सैन्य विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि अमेरिका-वेनेजुएला तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में वायु रक्षा प्रणालियां, रडार स्टेशन, सैन्य लॉजिस्टिक केंद्रभी निशाने पर आ सकते हैं, ताकि क्षेत्र में पूर्ण हवाई वर्चस्व स्थापित किया जा सके। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन आकलनों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और हालात तेजी से बदल रहे हैं। इस घटनाक्रम से लैटिन अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जबकि वॉशिंगटन इसे सुरक्षा और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करार दे रहा है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह टकराव सीमित रहेगा या बड़े संघर्ष में बदल सकता है।
