Trump's Tariffs: ट्रम्प के टैरिफ से यूरोपीय बाजारों में मची खलबली, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान!

punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 08:47 PM (IST)

इंटरनेशलन डेस्क: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ वृद्धि संबंधी घोषणा ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी है। इसका असर यूरोपीय बाजारों पर भी देखने को मिला, जहाँ DAX और FTSE जैसे प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस घटना ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है और यूरोपीय बाजार की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।

यूरोपीय बाजारों में गिरावट

ट्रम्प की घोषणा के तुरंत बाद, यूरोपीय बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। निवेशक घबरा गए और अपनी होल्डिंग्स बेचने लगे, जिससे DAX और FTSE जैसे प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट आई।

  • DAX: 641.58 अंकों की गिरावट, 21,733.52 पर बंद, 2.87% की गिरावट।

  • FTSE 100: 143.50 अंकों की गिरावट, 8,454.58 पर बंद, 1.67% की गिरावट।

  • CAC 40: 262.41 अंकों की गिरावट, 7,596.42 पर बंद, 2.34% की गिरावट।

  • AEX: 24.70 अंकों की गिरावट, 876.82 पर बंद, 2.74% की गिरावट।

  • IBEX 35: 150.57 अंकों की गिरावट, 13,185.13 पर बंद, 1.13% की गिरावट।

  • Euro Stoxx 50: 190.50 अंकों की गिरावट, 5,113.45 पर बंद, 3.59% की गिरावट।

  • SMI: 269.30 अंकों की गिरावट, 12,296.40 पर बंद, 2.14% की गिरावट।

  • RTSI: 16.18 अंकों की गिरावट, 1,074.13 पर बंद, 1.48% की गिरावट।

  • MOEX Russia Index: 44.18 अंकों की गिरावट, 2,882.21 पर बंद, 1.51% की गिरावट।

  • PSI: 6.11 अंकों की वृद्धि, 6,964.11 पर बंद, 0.09% की वृद्धि।

गिरावट के कारण

ट्रम्प की टैरिफ घोषणा: डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ वृद्धि संबंधी घोषणा ने निवेशकों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया। निवेशकों को चिंता थी कि इन नए टैरिफ से वैश्विक व्यापार प्रभावित होगा और आर्थिक मंदी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इस डर के चलते यूरोपीय बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

वैश्विक बाजारों का प्रभाव: यूरोपीय बाजार वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए हैं, इसलिए अमेरिकी बाजारों में गिरावट का सीधा असर यूरोपीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा। ट्रम्प की घोषणा के बाद अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट ने यूरोपीय निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी, जिससे उन्होंने भी अपनी होल्डिंग्स बेचनी शुरू कर दीं।

निवेशकों का डर: निवेशकों को यह डर सताने लगा कि ट्रम्प की घोषणा के बाद बाजार में और भी गिरावट आ सकती है। इस आशंका के कारण कई निवेशकों ने घबराकर बिकवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर और अधिक दबाव बन गया। इस सामूहिक बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों को नीचे धकेल दिया।

बाजार पर प्रभाव

निवेशकों को नुकसान: इस गिरावट से कई निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। विशेष रूप से वे निवेशक, जिन्होंने ऊंचे दामों पर शेयर खरीदे थे, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बाजार में आई इस अचानक गिरावट ने उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू को घटा दिया।

बाजार में अस्थिरता: ट्रम्प की घोषणा के कारण यूरोपीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। शेयर बाजार पहले से ही वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील होते हैं और इस नई घोषणा ने अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है, जिससे बाजार में कारोबार की गति भी प्रभावित हो रही है।

दीर्घकालिक प्रभाव: फिलहाल, इस गिरावट का दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट नहीं है। यह देखना बाकी है कि यूरोपीय बाजार इस झटके से कितनी जल्दी उबर पाते हैं। यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां सुधरती हैं और निवेशकों का भरोसा लौटता है, तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, यदि अनिश्चितता बनी रहती है, तो बाजार में और गिरावट आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


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Content Editor

Ashutosh Chaubey

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