अफगानिस्तान टिप्पणी पर विवाद के बाद ट्रंप के बदले सुर, ब्रिटिश सैनिकों को बताया 'महान योद्धा'
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:40 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः अफगानिस्तान युद्ध को लेकर दिए गए अपने बयान पर विवाद बढ़ने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ब्रिटेन के सैनिकों को “बहुत बहादुर” बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की है।
दरअसल, ट्रंप ने पहले यह दावा किया था कि अफगानिस्तान में NATO के गैर-अमेरिकी सैनिक फ्रंटलाइन से दूर रहते थे, जिसके बाद उनकी कड़ी आलोचना हुई। इसी विवाद के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर ब्रिटिश सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
“UK के सैनिक महान योद्धाओं में से हैं” – ट्रंप
अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि अफगानिस्तान में सेवा देने वाले ब्रिटेन के सैनिक दुनिया के सबसे महान योद्धाओं में शामिल हैं। उन्होंने माना कि इस युद्ध में 457 ब्रिटिश सैनिकों की मौत हुई और कई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रंप ने लिखा, “यूनाइटेड किंगडम के महान और बहुत बहादुर सैनिक हमेशा अमेरिका के साथ रहेंगे।”

अमेरिका-UK की दोस्ती पर जोर
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच का रिश्ता कभी टूट नहीं सकता। यह एक ऐसा बंधन है जो बहुत मजबूत है। उन्होंने ब्रिटिश सेना की तारीफ करते हुए लिखा, “यूके की सेना दिल और जज़्बे से भरी हुई है और दुनिया में किसी से कम नहीं है (सिवाय अमेरिका के)। हम आप सभी से प्यार करते हैं और हमेशा करते रहेंगे।”
पहले दिए बयान पर मचा था बड़ा बवाल
गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अफगानिस्तान में NATO देशों के सैनिक फ्रंटलाइन से दूर रहते थे और असली लड़ाई अमेरिका ने लड़ी। इस बयान को ब्रिटेन और NATO सहयोगियों के लिए अपमानजनक माना गया।
ब्रिटेन के PM और प्रिंस हैरी ने जताई नाराजगी
ट्रंप के उस बयान पर ब्रिटेन में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने ट्रंप के बयान को “अपमानजनक” और “बेहद शर्मनाक” बताया। वहीं प्रिंस हैरी, जो खुद ब्रिटिश सेना में अफगानिस्तान में सेवा दे चुके हैं, उन्होंने भी UK सैनिकों के रिकॉर्ड का बचाव किया और कहा कि ब्रिटिश सैनिकों ने फ्रंटलाइन पर बहादुरी से लड़ाई लड़ी।
विवाद के बाद बदले सुर
राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ने के बाद ट्रंप का यह नया बयान डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि आलोचक मानते हैं कि पहले दिया गया बयान गलत था और बाद की तारीफ उससे हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। फिर भी, ट्रंप की इस पोस्ट से अमेरिका-UK संबंधों में तनाव कम करने की कोशिश जरूर दिखाई देती है।
