ईरान का बदलाः बहरीन में अमेरिकी नेवी मुख्यालय पर बड़ा हमला, 21 सैनिक किए ढेर
punjabkesari.in Sunday, Mar 08, 2026 - 04:59 PM (IST)
International Desk: मध्य-पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका की US Navy Fifth Fleet को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें 21 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने का दावा किया गया है। यह हमला मनामा के जुफैर इलाके में स्थित नौसैनिक मुख्यालय पर हुआ बताया जा रहा है। ईरानी मीडिया ने हमले के बाद का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें नौसैनिक परिसर के पास आग और काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से अभी तक 21 सैनिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
21 US soldiers killed, some others injured in attacks on US Navy Fifth Fleet, #Juffair District in Manama, #Bahrain- Iranian Armed Forces#IranIsraelWar #IranWar #Israel #breaking pic.twitter.com/kTc3s3sMz5
— Chaudhary Parvez (@ChaudharyParvez) March 8, 2026
क्या है अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट
- US Navy Fifth Fleet अमेरिकी नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक इकाइयों में से एक है।
- यह लगभग 25 लाख वर्ग मील समुद्री क्षेत्र की निगरानी करती है
- इसके कार्यक्षेत्र में पर्शियन गल्फ, रेड सी और अरब सागर शामिल हैं
- इसका मुख्यालय Naval Support Activity Bahrain में स्थित है
- यहां आमतौर पर 8,000 से अधिक नौसैनिक तैनात रहते हैं
- इस बेड़े का मुख्य उद्देश्य तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना है।
- खासकर Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में।
पहले भी हो चुका है हमला
रिपोर्टों के मुताबिक 28 फरवरी 2026 को भी ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने बैलिस्टिक मिसाइल और शाहेद-136 ड्रोन से इसी बेस पर हमला किया था। उस हमले में रडार सिस्टम, सर्विस बिल्डिंग, सैटेलाइट कम्युनिकेशन उपकरण को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी।ईरान का कहना है कि यह हमला इज़राइल और अमेरिका के कथित सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के जवाब में किया गया है, जिसमें ईरान के तेल आपूर्ति ठिकानों और कुछ वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह हमला सच साबित होता है तो मध्य-पूर्व में युद्ध का दायरा और बढ़ सकता है और पर्शियन गल्फ क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
