वेनेजुएला पर ट्रंप का Shocking जवाब, “इराक याद है न? दुनिया में मच गई हलचल

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 04:51 PM (IST)

Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि वे वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) की कोशिश क्यों नहीं कर रहे हैं, तो ट्रंप ने संक्षिप्त लेकिन गहरे अर्थ वाला जवाब दिया- “इराक को याद कीजिए?” विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का यह बयान 2003 के इराक युद्ध की ओर इशारा करता है, जिसे अमेरिका के सबसे विवादित सैन्य हस्तक्षेपों में गिना जाता है। उस युद्ध के बाद इराक में लंबे समय तक अस्थिरता, हिंसा और मानवीय संकट देखने को मिला। ट्रंप पहले भी कई मौकों पर इराक युद्ध को “बड़ी गलती” बता चुके हैं।

 


ईरान और मिडिल ईस्ट से जुड़ाव?
वेनेजुएला लंबे समय से राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय संकट से जूझ रहा है। अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने वहां की सरकार की आलोचना की है। हालांकि, ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि वे सैन्य या जबरन सत्ता परिवर्तन के पक्ष में नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं है। ईरान और मिडिल ईस्ट के मामलों में भी वे प्रत्यक्ष युद्ध या रेजीम चेंज से बचने की नीति अपनाने का संकेत देते रहे हैं। यही कारण है कि उनके समर्थक इस बयान को संतुलित और यथार्थवादी विदेश नीति का उदाहरण बता रहे हैं।

 

समर्थन और आलोचना दोनों
ट्रंप समर्थकों का कहना है कि इराक युद्ध से सबक लेते हुए अनावश्यक युद्धों से बचना अमेरिका और दुनिया दोनों के हित में है। आलोचकों का तर्क है कि केवल गैर-हस्तक्षेप की नीति अपनाने से मानवाधिकार उल्लंघन और तानाशाही शासन को बढ़ावा मिल सकता है। ट्रंप के इस एक वाक्य ने अमेरिकी विदेश नीति पर बड़ी बहस छेड़ दी है। “इराक को याद कीजिए” कहकर उन्होंने यह स्पष्ट संकेत दिया कि भविष्य में वे सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीति और सावधानी को प्राथमिकता देने की सोच रखते हैं


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Content Writer

Tanuja

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