दुनिया के इस देश में हर साल आते हैं करीब 2000 भूकंप और कम से कम एक बार सुनामी
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 05:26 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः नए साल के पहले दिन जापान में 7.6 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया, जिसे अत्यधिक खतरनाक माना जा रहा है। इस भूकंप ने जापान के तटीय इलाकों में हलचल मचाई और सुनामी के खतरे का अलर्ट भी जारी किया गया। यह भूकंप उस क्षेत्र में आया है जो पैसिफिक रिंग ऑफ फायर के तहत आता है और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में भूकंप की घटनाएं काफी सामान्य हैं, लेकिन इस बार की तीव्रता विशेष रूप से चिंताजनक है।
दुनिया भर में भूकंप का खतरा:
नेशनल भूकंप सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, हर साल दुनिया भर में लगभग 20,000 भूकंप आते हैं, जिनमें से 100 भूकंप ऐसे होते हैं जो जान-माल की हानि का कारण बनते हैं। इनमें से कुछ भूकंप बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं और एक या दो ऐसे भूकंप होते हैं, जिनसे व्यापक तबाही मच सकती है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भूकंप की स्थिति अलग-अलग होती है, और एशियाई क्षेत्र विशेष रूप से भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
हिमालयन फॉल्ट लाइन और भूकंप की स्थिति:
हिमालय क्षेत्र में भूकंप की घटनाओं के पीछे की प्रमुख वजह हिमालयन बेल्ट की फॉल्ट लाइन है। इस क्षेत्र में बढ़ती भूकंपीय गतिविधियों पर हाल ही में अमेरिका और भारत के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया था, जिसे यूएस जर्नल लिथोस्फीयर और जेजीआर में प्रकाशित किया गया। इस अध्ययन के अनुसार, हिमालय क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसक रहा है, जिससे यहां भूकंप के खतरे की संभावना बढ़ रही है। सीपी राजेंद्रन के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में यह भी बताया गया कि हिमालय क्षेत्र 700 साल पुरानी फॉल्ट लाइन पर स्थित है और यह फॉल्ट लाइन एक ऐसी स्थिति में पहुंच चुकी है कि यहां कभी भी एक बड़ा भूकंप आ सकता है, जो पिछले 500 वर्षों में नहीं देखा गया हो।
जापान में भूकंप की अधिकता:
जापान एक ऐसा देश है, जहां भूकंप और सुनामी की घटनाएं दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा होती हैं। हर साल जापान में करीब 2,000 भूकंप के झटके महसूस होते हैं और इसके अलावा, यहां हर साल कम से कम एक बार सुनामी का खतरा भी मंडराता है। आंकड़ों के अनुसार, रेक्टर स्केल पर 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप में से 20 प्रतिशत सिर्फ जापान में आते हैं।
जापान की भौगोलिक स्थिति:
जापान में भूकंपों की अधिकता के पीछे की वजह इसका भौगोलिक स्थान है। जापान एक आइलैंड नेशन है, जो प्रशांत महासागर में स्थित है और चारों ओर पानी से घिरा हुआ है। लेकिन इसके अलावा, जापान का प्रमुख कारण यह है कि यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। रिंग ऑफ फायर एक ऐसी आकृति है जो घोड़े की नाल जैसी दिखती है और यह उन क्षेत्रों का समूह है, जो भूकंप और सुनामी की घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। दुनिया के ज्यादातर बड़े भूकंप और सुनामी इसी रिंग ऑफ फायर में आते हैं।
2011 में सुनामी से तबाही:
जापान में 2011 में आई सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए थे और इस घटना से उबरने में जापान को कई साल लग गए थे। उस सुनामी में आई विशाल लहरों ने जापान के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई थी और हजारों लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। अब, नए साल के पहले दिन 7.6 मैग्नीट्यूड का भूकंप आने के बाद एक बार फिर जापान में सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। इस घटना से जुड़ी यादें जापानियों के मन में ताजा हो गई हैं, और वहां एक बार फिर दहशत का माहौल है।