ईरान के लिए आज की रात भारी! अमेरिकी सेना तैयार, ट्रंप के हाथ में हमले का फैसला

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 12:33 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः इस समय पूरी दुनिया की निगाहें ईरान पर टिकी हुई हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि अमेरिका और ईरान अब लगभग युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बस एक छोटी सी चिंगारी और हालात पूरी दुनिया को हिला देने वाले युद्ध में बदल सकते हैं।

अब तक ईरान में हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी और खराब आर्थिक हालात के खिलाफ लोगों के गुस्से के तौर पर देखे जा रहे थे, लेकिन अमेरिका के खुलकर मैदान में आने के बाद यह संघर्ष अब ईरान बनाम अमेरिका में बदल गया है।

अमेरिका कभी भी कर सकता है हमला

हालात ऐसे बन चुके हैं कि अमेरिका किसी भी वक्त ईरान पर बमबारी शुरू कर सकता है। इसी वजह से ईरान के लिए हर रात डर और तनाव से भरी होती जा रही है। अमेरिका का कहना है कि ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा हिंसा कर रही है, और इसी वजह से अमेरिका हस्तक्षेप करने के मूड में है।

इतिहास भी यही बताता है

ईरान का इतिहास गवाह है कि जब भी उसकी इस्लामिक व्यवस्था, कट्टरपंथी कानूनों या हिजाब जैसे मुद्दों के खिलाफ आवाज उठी है, सरकार ने बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाया है। साल 2022 में हिजाब को लेकर महसा अमीनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों में करीब 500 लोग मारे गए थे। अब जो Gen-Z आंदोलन चल रहा है, वह महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ है। इस बार हालात और भी खतरनाक हैं।

मौतों का डरावना आंकड़ा

Human Rights Activists News Agency के अनुसार अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 496 प्रदर्शनकारी, 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। 10,000 से ज्यादा लोग गिरफ्तार या हिरासत में हैं। ईरान सरकार इन प्रदर्शनों को अमेरिका और इज़रायल की साजिश बता रही है।

प्रदर्शनकारियों को बताया आतंकवादी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आंदोलन कर रहे लोगों को आतंकवादी करार दिया है। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, सुरक्षाबलों और आम नागरिकों पर हमला कर रहे हैं। उन्हें बाहर से हथियार दिए गए हैं ताकि ईरान को गृहयुद्ध में झोंका जा सके। ईरान सरकार ने ऐसे कई वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें दिखाई जा रही हैं।

राष्ट्रपति का अमेरिका-इज़रायल पर आरोप

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि “ईरान में हिंसा और दंगों के पीछे अमेरिका और इज़रायल का हाथ है।” उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि “बातचीत की मेज पर आइए, दंगे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।” इसी बीच ईरान की संसद का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सांसद अमेरिका के खिलाफ “Death to America” के नारे लगाते दिखे।

अमेरिका को दिख रहा है सुनहरा मौका

अमेरिका इन Gen-Z प्रदर्शनों को ईरान की सत्ता पलटने का मौका मान रहा है। 28 दिसंबर से चल रहे इस आंदोलन को डोनाल्ड ट्रंप का खुला समर्थन मिला है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की मदद करने को तैयार है।

हमले की पूरी तैयारी

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप को ईरान पर हमले के कई विकल्प बताए हैं। हवाई हमले, साइबर अटैक और सैन्य कार्रवाई पर प्लान तैयार हैं और अब फैसला सिर्फ ट्रंप को लेना है कि हमला कब और कैसे होगा। यानी, अमेरिकी सेना तैयार है और बटन ट्रंप के हाथ में है।

ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने Truth Social पर लिखा: “ईरान आज़ादी की ओर बढ़ रहा है, अमेरिका उसकी मदद को तैयार है।” इसके बाद उन्होंने कहा: “ईरान ने सारी हदें पार कर दी हैं। जिन लोगों को नहीं मरना चाहिए था, वे मारे गए हैं।” उन्होंने ईरान को साफ चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना हालात पर बहुत गंभीर नजर रखे हुए है।

सीनेटर लिंडसे ग्राहम का बयान

ट्रंप के करीबी और अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा: “डोनाल्ड ट्रंप बराक ओबामा नहीं हैं। ईरान के लोगों को जल्दी ही आज़ादी मिलेगी।” इस बयान को ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है।

दुनिया सांस रोककर देख रही है

अब पूरी दुनिया इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या आज रात ईरान पर हमला होगा? अगर ऐसा हुआ, तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर देगा।


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Content Writer

Pardeep

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