इस देश के दफ्तरों में अब टाई-सूट नहीं, हाफ पैंट और टी-शर्ट पहनकर काम कर रहे कर्मचारी, जानें क्यों?
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 12:33 PM (IST)
Casual Dress Code in Thai Offices : थाईलैंड की गलियों और दफ्तरों का नजारा इन दिनों पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले अधिकारी सूट और टाई में नजर आते थे अब वे हाफ पैंट और टी-शर्ट पहनकर काम कर रहे हैं। यह कोई फैशन ट्रेंड नहीं है बल्कि ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस (वैश्विक ऊर्जा संकट) से निपटने का थाई सरकार का एक व्यावहारिक मास्टर प्लान है।
क्यों बंद हुआ सूट-टाई का दौर?
थाईलैंड अपनी बिजली पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर प्राकृतिक गैस (LNG) और कच्चे तेल पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में जारी युद्ध के कारण ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। सप्लाई चेन टूटने से देश में बिजली का संकट गहरा गया है।

AC के खर्च पर सर्जिकल स्ट्राइक
थाईलैंड एक उष्णकटिबंधीय (Garam) देश है जहां दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) के बिना काम करना नामुमकिन है। सबसे ज्यादा बिजली एसी चलाने में ही खर्च होती है। सरकार ने बिजली बचाने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं। एसी का तापमान बढ़ाकर 26-27 डिग्री कर दिया गया है। कुछ समय के लिए एसी का इस्तेमाल न्यूनतम करने का आदेश दिया गया है।
गर्मी का समाधान: हाफ पैंट कल्चर
बिना एसी या कम कूलिंग में कोट-पैंट पहनकर काम करना कर्मचारियों के लिए किसी टॉर्चर से कम नहीं होता। पसीने और घबराहट से बचने के लिए सरकार ने आधिकारिक तौर पर 'कैजुअल ड्रेस कोड' यानी हाफ पैंट और शर्ट की अनुमति दे दी है। हल्का और आरामदायक पहनावा शरीर को ठंडा रखता है जिससे कर्मचारी बिना एसी के भी काम पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

करोड़ों यूनिट बिजली बचाने का लक्ष्य
थाई सरकार का मानना है कि इस छोटे से बदलाव से पूरे देश में करोड़ों यूनिट बिजली की बचत की जा सकती है। केवल 1 या 2 डिग्री तापमान बढ़ाकर और ड्रेस कोड में ढील देकर नेशनल ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा रहा है।
