No Villages In Singapore: दुनिया का इकलौता देश, जहां नक्शे से ही गायब हो गए 200 गांव, जानिए आखिर कहां गए?
punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 02:34 PM (IST)
No Villages In Singapore: क्या आप किसी ऐसे देश की कल्पना कर सकते हैं जहां पैर रखने के लिए एक इंच भी ग्रामीण जमीन न हो? सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन नक्शे पर सिंगापुर एक ऐसा देश है जो पूरी तरह से शहरीकृत (Urbanized) हो चुका है। यहां की 100% आबादी शहरों में रहती है और गांव शब्द यहां के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है।
जानकारी के लिए बता दें कि सिंगापुर हमेशा से ऐसा चमचमाता हुआ देश नहीं था। 19वीं सदी की शुरुआत में यह केवल मछुआरों की छोटी-सी बस्ती थी। जब यह ब्रिटिश व्यापारिक केंद्र बना तो इसकी किस्मत बदल गई। समुद्री व्यापार मार्गों पर इसकी रणनीतिक स्थिति (Strategic Location) ने इसे दुनिया का सबसे व्यस्त बिजनेस हब बना दिया।

1970 के दशक में थे 200 गांव
आज की ऊंची इमारतों के नीचे सिंगापुर का एक पुराना इतिहास दबा हुआ है। 1970 के दशक तक यहां 200 से भी ज्यादा गांव हुआ करते थे जिन्हें स्थानीय भाषा में 'काम्पोंग' (Kampong) कहा जाता था। तब लोग लकड़ी के घरों और टीन की छतों के नीचे रहते थे। जीवन का मुख्य आधार खेती और मछली पकड़ना था। 1960 के बाद सिंगापुर ने विकास की ऐसी रफ्तार पकड़ी कि 1980 के दशक तक लगभग सभी 'काम्पोंग' आधुनिक कस्बों और गगनचुंबी इमारतों में तब्दील हो गए।

मजबूरी बनी विकास की ताकत
सिंगापुर के पास क्षेत्रफल बहुत कम है। सीमित जमीन होने के कारण सरकार के पास ग्रामीण और शहरी इलाकों में बंटने का विकल्प नहीं था। सरकार ने 'शहरी नियोजन' (Urban Planning) को प्राथमिकता दी। हर इंच जमीन का इस्तेमाल ऊंची आवासीय इमारतों, कमर्शियल जोन और हाई-टेक बुनियादी ढांचे के लिए किया गया। आज सिंगापुर एक 'सिटी स्टेट' के रूप में जाना जाता है जहां गांव की जगह आधुनिक सुविधाओं ने ले ली है।
आधिकारिक तौर पर सिंगापुर 100% शहरी है लेकिन पर्यटकों के लिए याद के तौर पर 'काम्पोंग लोरोन्ग बुआंगकॉक' (Kampong Lorong Buangkok) नाम की एक छोटी सी बस्ती को पुराने स्वरूप में बचा कर रखा गया है, जो आज के आधुनिक सिंगापुर के बीच बीते दौर की एक झलक पेश करती है।
