3 दशक बाद बांग्लादेश की राजनीति में जुड़ा ऐतिहासिक अध्याय, तारीक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की ली शपथ
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 04:28 PM (IST)
International Desk: बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। Tarique Rahman ने मंगलवार को बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। आम चुनावों में प्रचंड जीत के बाद उन्होंने देश की बागडोर संभाली है। राष्ट्रपति Mohammed Shahabuddin ने 60 वर्षीय तारिक रहमान को संसद भवन (जातीय संसद) के साउथ प्लाजा में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह समारोह परंपरा से हटकर हुआ, क्योंकि अब तक प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण बंगभवन में होता रहा है।
इससे पहले दिन में Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) के सांसदों ने संसदीय दल की बैठक में तारिक रहमान को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था। इसके साथ ही उनका प्रधानमंत्री बनना तय हो गया।13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी ने कुल 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं दक्षिणपंथी दल Jamaat-e-Islami ने 68 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष की भूमिका संभाली है।पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को इस चुनाव में भाग लेने से वंचित कर दिया गया था। तारिक रहमान के शपथ ग्रहण के साथ ही बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद एक बार फिर पुरुष प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ है।
STORY | Tarique Rahman sworn in as new Prime Minister of Bangladesh
— Press Trust of India (@PTI_News) February 17, 2026
arique Rahman was sworn in as the new Prime Minister of Bangladesh on Tuesday, days after leading his party to a forceful victory in the crucial general elections.
President Mohammed Shahabuddin administered… pic.twitter.com/7WSND1kaVw
Tarique Rahman के नेतृत्व वाली सरकार में 25 सांसदों को मंत्री और 24 को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कैबिनेट में मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर, आमिर खस्रू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद और इक़बाल हसन महमूद टुकू जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इसके अलावा, मोहम्मद अमीन उर राशिद और खलीलुर रहमान को टेक्नोक्रेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। मंत्रियों के शपथ ग्रहण से पहले BNP संसदीय दल की बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि कोई भी मंत्री न तो ड्यूटी-फ्री सरकारी वाहन लेगा और न ही सरकारी प्लॉट स्वीकार करेगा।
इस बीच संविधान सुधार परिषद (Constitution Reform Council) को लेकर राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया। BNP के सभी 209 नवनिर्वाचित सांसदों ने संसद सदस्य के रूप में तो शपथ ली, लेकिन संविधान सुधार परिषद की शपथ लेने से इनकार कर दिया। BNP नेता सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया कि पार्टी प्रमुख तारीक रहमान के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि मौजूदा संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं है। BNP के इस रुख के बाद 11 दलों के गठबंधन, जिसमें Jamaat-e-Islami भी शामिल है, ने भी शुरू में संसदीय शपथ से इनकार किया।

हालांकि बाद में निर्दलीय उम्मीदवारों, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश और छह NCP सांसदों ने संसद सदस्य के रूप में शपथ ले ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने संविधान के तहत सांसदों को शपथ दिलाई। यह पहली बार हुआ जब किसी CEC ने स्वयं सांसदों को शपथ दिलाई। वहीं BNP संसदीय दल ने सर्वसम्मति से तारीक रहमान को अपना नेता चुना, जिससे उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता
