लकवाग्रस्त मरीजों के लिए Good News: अब फिर से पैरों पर हो पाएंगे खड़े, इस देश ने कर दिखाया कमाल

punjabkesari.in Wednesday, Mar 26, 2025 - 11:08 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क। जापान के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने स्टेम सेल थेरेपी की मदद से स्पाइनल कॉर्ड (मेरुरज्जु) से जुड़ी समस्या का इलाज किया है। इस सफल प्रयोग के बाद लकवाग्रस्त लोग फिर से चलने में सक्षम हो सकते हैं। यह पहला मौका है जब स्पाइनल कॉर्ड के इलाज में स्टेम सेल थेरेपी का उपयोग सफलतापूर्वक किया गया है।

सफल प्रयोग पर आधारित इलाज

रिपोर्ट के मुताबिक टोक्यो की कीयो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इंड्यूस्ड प्लूरीपोटेंट स्टेम सेल्स (iPS) पर प्रयोग किया। इस तकनीक में परिपक्व कोशिकाओं को फिर से बाल अवस्था में लाया जाता है और इन्हें विभिन्न कोशिकाओं में बदला जा सकता है। शोधकर्ताओं ने दो मरीजों पर 20 लाख से अधिक iPS कोशिकाएं स्पाइनल कॉर्ड में इंप्लांट कीं। इसके परिणामस्वरूप मरीजों के स्पाइनल कॉर्ड के फंक्शन में सुधार देखा गया और कोई नकारात्मक असर नहीं हुआ।

कैसे काम करती है स्टेम सेल थेरेपी?

स्टेम सेल खास कोशिकाएं होती हैं जो खुद को दोबारा उत्पन्न कर सकती हैं और किसी भी तरह की कोशिकाओं में बदल सकती हैं। वैज्ञानिकों ने iPS स्टेम सेल्स पर शोध किया जिसमें परिपक्व कोशिकाओं को बाल्य अवस्था में बदला गया और इन्हें आवश्यक कोशिकाओं में परिवर्तित किया गया।

 

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स्टेम सेल थेरेपी की खासियत

➤ स्टेम सेल खुद को फिर से उत्पन्न कर सकते हैं। 
➤ ये क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करने में मदद करते हैं। 
➤ अब तक स्टेम सेल थेरेपी का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया गया है लेकिन स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी समस्या के लिए यह पहला सफल प्रयोग है।

क्या है स्टेम सेल?

स्टेम सेल ऐसी कोशिकाएं होती हैं जिनमें खुद की तरह की कोशिकाएं पैदा करने की क्षमता होती है। ये कोशिकाएं अपने आकार और प्रकार को बदल सकती हैं और शरीर के सभी अंगों में पाई जाती हैं। स्टेम सेल का उपयोग अब तक कई अन्य बीमारियों के इलाज में किया गया है लेकिन स्पाइनल कॉर्ड का इलाज अब पहली बार किया गया है।

 

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शोधकर्ताओं की ओर से नई उम्मीद

इस शोध के मुख्य लेखक हिदेयुकी ओकानो ने कहा कि उनकी टीम अब क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की योजना बना रही है। यदि यह इलाज सफल रहता है तो यह उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो स्पाइनल कॉर्ड के नुकसान के कारण लकवाग्रस्त हो गए हैं।

वहीं यह शोध चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में स्पाइनल कॉर्ड और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में स्टेम सेल थेरेपी का महत्वपूर्ण योगदान होगा।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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