द.कोरिया में पहली बार AI अफसर ने संभाली नौसेना की कमान, समुद्र में बिना चालक जहाजों ने किया माइन ऑपरेशन
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 12:19 PM (IST)
International Desk: दक्षिण कोरिया की नौसेना ने समुद्री सुरक्षा और युद्ध क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नौसेना ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मानव रहित जहाजों (Unmanned Surface Vehicles) की मदद से समुद्र में माइन (बारूदी सुरंग) खोजने और हटाने का सफल परीक्षण किया। यह संयुक्त अभ्यास दक्षिण कोरिया की रक्षा कंपनी हनव्हा सिस्टम्स (Hanwha Systems) के सहयोग से दक्षिण-पूर्वी शहर बुसान स्थित नौसैनिक अड्डे पर आयोजित किया गया। परीक्षण में 730 टन वजनी ओंगजिन माइंस्वीपर, जासूसी ड्रोन, दो मानव रहित सतही जहाज (USV) और एक स्वायत्त अंडरवाटर वाहन (AUV) का इस्तेमाल किया गया।
South Korea is expanding mine clearance work, previously handled solely by the military, to private organizations as well.
— The Monarch Report (@monarchreport25) August 3, 2026
Why? Because the government shrunk the armed forces and now doesn’t have enough soldiers left. They’re calling it “opening” the work to civilians like it’s… https://t.co/Dk19ifrVdJ pic.twitter.com/pyeLXrfxiC
अभ्यास के दौरान यह काल्पनिक स्थिति बनाई गई कि दुश्मन ने बुसान बंदरगाह के समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाकर उसे अवरुद्ध कर दिया है। इसके बाद AI तकनीक की मदद से पूरे अभियान को संचालित किया गया। इस मिशन की सबसे खास बात "AI स्टाफ ऑफिसर" सिस्टम रहा। इस AI सिस्टम ने मौसम, समुद्री धाराओं और अन्य परिस्थितियों का विश्लेषण कर मानव कमांडर को रणनीतिक सुझाव दिए। AI की रिपोर्ट के आधार पर मानव और मानव रहित जहाजों ने अलग-अलग क्षेत्रों में बारूदी सुरंगों की तलाश की, जबकि जासूसी ड्रोन ने बंदरगाह के आसपास की गतिविधियों और वातावरण की निगरानी की।
हालांकि परीक्षण में इस्तेमाल किए गए मानव रहित जहाज अभी माइन हटाने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन दक्षिण कोरियाई नौसेना का कहना है कि भविष्य में इन्हें इस क्षमता से लैस किया जाएगा। नौसेना के अनुसार, इस परीक्षण ने साबित किया कि AI आधारित निर्णय प्रणाली, मानव चालक दल और मानव रहित जहाजों का संयुक्त संचालन भविष्य के समुद्री युद्ध अभियानों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना सकता है। इसी बीच, दक्षिण कोरिया ने अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाने के लिए KDDX (कोरिया डिस्ट्रॉयर नेक्स्ट जेनरेशन) परियोजना पर भी काम तेज कर दिया है। जुलाई में सरकार ने हनव्हा ओशन कंपनी के साथ अगली पीढ़ी के विध्वंसक युद्धपोत के विकास का समझौता किया, जिसका पहला जहाज 2032 तक नौसेना को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।
